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हजारीबाग में प्रशासन और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव आमने-सामने: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का विरोध, हेमंत सोरेन पर भी लगाए गंभीर आरोप

September 19, 2026

Hazaribagh Land Dispute: हजारीबाग जमीन विवाद (Hazaribagh Land Dispute) शुक्रवार को उस समय बढ़ गया, जब प्रशासन की टीम खासमहल होल्डिंग नंबर-302 की 50 डिसमिल जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची। सदर अंचलाधिकारी सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।

प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए जेसीबी लेकर पहुंची थी। इसी दौरान पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर अधिकारियों और साव के बीच बहस शुरू हो गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।

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झारखंड के हजारीबाग में कैंटोनमेंट मौजा स्थित खासमहल की लगभग 50 डिसमिल सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच भारी नोकझोंक और हंगामा देखने… pic.twitter.com/4TbfVFaTqM

— Bansal News Official (@BansalNews_) September 19, 2026

जेसीबी के सामने बैठ गए योगेंद्र साव

हजारीबाग जमीन विवाद (Hazaribagh Land Dispute) में उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब योगेंद्र साव जेसीबी के बकेट के सामने बैठ गए। उन्होंने जमीन पर कार्रवाई रोकने की मांग की। प्रशासन का कहना है कि जमीन पर दोबारा गोशाला और पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में इसी जमीन को चार बार अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है। इसके बाद भी दोबारा निर्माण की शिकायत मिली थी। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीम ने जमीन पर बनी गोशाला और पीसीसी सड़क को जेसीबी से हटा दिया।

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जमीन के अधिकार को लेकर साव का दावा

हजारीबाग जमीन विवाद (Hazaribagh Land Dispute) को लेकर योगेंद्र साव ने कहा कि संबंधित जमीन का एटॉर्नी पावर (Power of Attorney) उनके पास है। उन्होंने दावा किया कि खासमहल जमीन के नवीनीकरण के लिए उपायुक्त को आवेदन दिया गया है।

साव के मुताबिक, रिज्यूम जमीन (Resumed Land) के मामले में उन्होंने राज्य के भू-राजस्व मंत्री से भी मुलाकात की है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए सदर सीओ के पास उपायुक्त या एसडीओ का कोई आदेश नहीं था। हालांकि प्रशासन जमीन को सरकारी खासमहल भूमि बता रहा है।

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वायरल वीडियो में हेमंत सोरेन पर आरोप

मामले के दौरान बनाए गए बताए जा रहे दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं। (Hazaribagh Land Dispute) एक वीडियो में योगेंद्र साव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘भ्रष्ट मुख्यमंत्री’ बताते हुए सरकार पर राज्य के जल-जंगल-जमीन को कॉरपोरेट के हाथों सौंपने का आरोप लगाया।

साव ने अधिकारियों एल खियांग्ते और विनय चौबे का भी जिक्र किया। ये आरोप योगेंद्र साव के राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। भाजपा ने भी वायरल वीडियो को अपने X हैंडल से साझा किया है।

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सीओ बोले- शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

सदर सीओ सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष ने बताया कि होल्डिंग नंबर-302 की 50 डिसमिल जमीन का सर्वे कर उसे रिज्यूम करने के लिए उपायुक्त और आयुक्त के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

प्रशासन के अनुसार, प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। वहीं योगेंद्र साव जमीन पर अपने अधिकार और प्रशासनिक आदेश को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल हजारीबाग जमीन विवाद (Hazaribagh Land Dispute) में प्रशासन की कार्रवाई और साव के दावों को लेकर विवाद जारी है।

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