खुशखबरी! धामी सरकार का बड़ा फैसला, उपनल कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. धामी सरकार अलग-अलग विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते देने जा रही है.
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. धामी सरकार अलग-अलग विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते देने जा रही है.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/08/17/cm-dhami-2026-08-17-17-31-11.jpg)
सीएम धामी
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने अलग-अलग विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ बारी-बारी से देने का फैसला किया है. इस निर्णय के तहत उपनल कार्मिकों को यह लाभ तीन अलग-अलग चरणों में दिया जाएगा. पहले चरण में उन कर्मचारियों के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है जो 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत हैं. इसके बाद, दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त हुए कर्मियों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक सेवा में आए कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा.
मंजूर पदों से ज्यादा कर्मचारियों के लिए एडजस्टमेंट और नई कमेटी की व्यवस्था
सैनिक कल्याण सचिव युगल किशोर पंत द्वारा जारी शासनादेश में साफ किया गया है कि जिन विभागों में मंजूर पदों से ज्यादा उपनल कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्हें जॉइनिंग की तारीख (सीनियरिटी) के आधार पर खाली पदों पर एडजस्ट किया जाएगा. अगर जरूरत पड़ी, तो उन्हें दूसरे विभागों में उसी स्तर के खाली पदों पर एडजस्ट किया जाएगा या फिर नए अतिरिक्त पद बनाए जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया के लिए शासन स्तर पर एक अलग से सिस्टम या कमेटी बनाई जाएगी.
यह भी पढ़ें: विश्वकर्मा जयंती पर मुख्यमंत्री धामी की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं, श्रमवीरों और शिल्पियों के योगदान को किया नमन
डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मियों को भी मिलेगा लाभ
इसके साथ ही, सीधे तौर पर अनुबंध पर काम कर रहे पुराने उपनल कर्मचारियों को भी तय नियमों के तहत न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा. वहीं, विभिन्न निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में काम करने वाले उपनल कर्मचारियों के मामले में वे संस्थाएं खुद फैसला लेंगी और इसका भुगतान भी अपने ही बजट से करेंगी.
हजारों परिवारों को मिलेगा आर्थिक मदद, कर्मचारी संगठनों ने बताया लंबे संघर्ष की जीत
सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक मदद मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा. प्रशासनिक स्तर पर इस व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी पात्र कर्मचारियों तक इस नीति का लाभ पहुंच सके. कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे संघर्ष की एक बड़ी जीत बताया है.
यह भी पढ़ें: सिनेमा के जरिए विश्व स्तर पर चमकता उत्तराखण्ड, लोक संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं का बढ़ता मान
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें