पेट्रोल-सीएनजी का गणित: आज के दाम और बचत का पूरा हिसाब, जानें कब वसूल होगी कार की कीमत
Published: Saturday, September 12, 2026, 15:16 [IST]
शनिवार, 12 सितंबर 2026 को देश में ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। सुबह 8:10 बजे तक प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम बिना किसी बदलाव के पुराने स्तर पर ही टिके रहे। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल के रेट 111.21 रुपये और डीजल के 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए। वहीं बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। ऐसे में आज आम लोगों के दैनिक फ्यूल बजट में कोई उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला है।
वहीं, सीएनजी की दरों में भी रातभर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत 29 अगस्त से लागू 86.98 रुपये प्रति किग्रा पर ही बरकरार है। मुंबई में यह 88 रुपये प्रति किग्रा और बेंगलुरु में 97 रुपये प्रति किग्रा बिक रही है। सिटी गैस कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे सीएनजी की नई दरें जारी करती हैं, इसलिए सुबह काम पर निकलने वाले लोग इन्हीं कीमतों के हिसाब से अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आज पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) | सीएनजी (रुपये/किग्रा) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 | 86.98 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 | 88.00 |
| बेंगलुरु | 111.68 | 99.56 | 97.00 |
आज के दामों पर पेट्रोल बनाम सीएनजी: समझें रनिंग कॉस्ट और ब्रेक-इवेन का गणित
इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए पेट्रोल कार 15 किमी प्रति लीटर और सीएनजी कार 22 किमी प्रति किलोग्राम का माइलेज देती है। दिल्ली की मौजूदा दरों के हिसाब से पेट्रोल कार से चलने का खर्च लगभग 6.81 रुपये प्रति किलोमीटर आता है, जबकि सीएनजी पर यह महज 3.95 रुपये प्रति किलोमीटर बैठता है। अगर आपकी मासिक रनिंग 1,000 किलोमीटर है, तो सीएनजी के इस्तेमाल से ईंधन के बिल में हर महीने करीब 2,860 रुपये की सीधी बचत होगी।
अब अगर सीएनजी मॉडल की कीमत पेट्रोल वेरिएंट से 1 लाख रुपये ज्यादा है, तो इसका गणित एकदम साफ है। दिल्ली में प्रति किलोमीटर करीब 2.86 रुपये की बचत के आधार पर, लगभग 35,000 किलोमीटर चलाने के बाद यह अतिरिक्त लागत वसूल हो जाएगी। अगर आप हर महीने 1,000 किलोमीटर गाड़ी चलाते हैं, तो करीब 35 महीनों में ब्रेक-इवेन (लागत रिकवरी) हासिल हो जाएगा। वहीं मुंबई और बेंगलुरु में बचत का यह दायरा घटकर लगभग 29 से 33 महीने ही रह जाता है।
कार के कुल रनिंग कॉस्ट को तय करने में टायरों का खर्च भी अहम भूमिका निभाता है। भारत में अगर गाड़ियों का रख-रखाव सही रहे, तो टायरों की लाइफ आमतौर पर 40,000 से 50,000 किलोमीटर तक मिल जाती है। ईंधन के प्रकार से भी ज्यादा जरूरी यह है कि आप हर 8,000 से 10,000 किलोमीटर पर टायरों को रोटेट कराएं और हवा का दबाव कंपनी के बताए स्तर पर रखें। अगर आप इस वीकेंड नई कार बुक करने जा रहे हैं, तो त्योहारों की भीड़ से पहले प्राइस प्रोटेक्शन लॉक कराएं, डिलीवरी टाइमलाइन की पुष्टि करें और सभी ऐड-ऑन ऑफर्स को अच्छे से जांच लें।