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बिहार का पहला डिजिटल हेल्थ मॉडल जिला बनेगा बेगूसराय: अब बिना कागजात के होगा इलाज, एबीडीएम का हुआ शुभारंभ - Begusarai News

July 14, 2026

स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सहयोग से बेगूसराय को बिहार का पहला आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) मॉडल जिला घोषित किया गया है।

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बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित एक भव्य कार्यशाला के माध्यम से इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई। बेगूसराय में विकसित होने वाले इस डिजिटल मॉडल की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी की फोटो।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी की फोटो।

डीएम और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने किया उद्घाटन

कार्यशाला का उद्घाटन स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह मिशन निदेशक (ABDM) अरविंद कुमार वर्मा और बेगूसराय के डीएम श्रीकांत शास्त्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत पौधा और ज्ञान की प्रतीक पुस्तकें भेंट कर किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए ABDM के मिशन निदेशक अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी पहलों में से एक है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से बेगूसराय में ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार होगा, जो पूरे बिहार के लिए भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए बेगूसराय के डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि जिला प्रशासन बेगूसराय को मॉडल जिला बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में आने वाली हर चुनौती का मिलकर समाधान किया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार क्रांतिकारी कदम उठाए जा रहे हैं।

NHA निदेशक ने की प्रयासों की सराहना

नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पंकज कुमार अरोड़ा ने बिहार के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि एबीडीएम मॉडल जिला बेगूसराय देश के अन्य राज्यों और जिलों के लिए एक अनुकरणीय और प्रेरक उदाहरण बनेगा।

जानिए क्या है ABDM और इसके फायदे…

तकनीकी सत्र में बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के प्रशासनिक पदाधिकारी शैलेश चंद्र दिवाकर और संयुक्त निदेशक अनीशा सक्सेना ने एबीडीएम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि मरीजों का एक डिजिटल हेल्थ अकाउंट आभा बनेगा, जिसमें उनकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित रहेगी।

ओपीडी डिजिटल होगा, अस्पताल की लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन करके मरीज तुरंत टोकन ले सकेंगे। डॉक्टर कंप्यूटर या मोबाइल पर ही मरीज की पिछली जांच रिपोर्ट देख सकेंगे, जिससे पर्चे और रिपोर्ट खोने का डर खत्म हो जाएगा। जिले के सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रमाणित डिजिटल डेटाबेस होगा।

डिजिटल स्वास्थ्य में दमदार रिकॉर्ड

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। आभा (ABHA) आईडी में 7.92 करोड़ से अधिक का उल्लेख है, जो स्पष्ट रूप से तथ्यात्मक सुधार के साथ राज्य की कुल जनसंख्या के अनुपात में राष्ट्रीय रिकॉर्ड के तहत समझा गया है।

बेगूसराय में 19 लाख 49 हजार से अधिक आभा (ABHA) आईडी बना है। इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड 23 लाख 59 हजार से अधिक हैं। 19 लाख 54 हजार से अधिक स्कैन एंड शेयर टोकन है। 1010 से अधिक पंजीकृत अस्पताल और 2100 से अधिक पंजीकृत डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हैं।

भविष्य की राह तय करेगी नई पहल

इस पहल से अब बेगूसराय के मरीजों को अपनी पुरानी पर्चियां, एक्स-रे और खून जांच की रिपोर्टें थैले में भरकर अस्पताल नहीं ले जानी होंगी। इस डिजिटल क्रांति में आईएमए (IMA), बिहार मेडिकल काउंसिल, सरकारी व निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस मुहिम को सफल बनाने का संकल्प लिया।