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राह-वीरों के लिए मोगा में शिकायत निवारण सेल

September 10, 2026

राह-वीरों के लिए मोगा में शिकायत निवारण सेल

September 10, 2026

राह-वीरों के लिए मोगा में शिकायत निवारण सेल

Nutrition Awareness Drive Intensified in Moga : मोगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आने वाले राह-वीरों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने अहम पहल की है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने “राह-वीर” शिकायत निवारण सेल स्थापित किया है, जहां राह-वीर अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। सेल पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन समेत संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करेगा। पात्र राह-वीरों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा।

इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर ने बताया कि पोषण माह का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य के लिए जीवन के शुरुआती चरण से ही उचित पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सभी सुपरवाइजरों और पोषण कोऑर्डिनेटरों के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से गांवों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इन गतिविधियों के दौरान संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, मां के दूध का महत्व, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी दी जा रही है। गुरजीत कौर ने बताया कि पोषण माह के दौरान पोषण वाटिका, पोषण प्रदर्शनियां, जागरूकता रैलियां, घर-घर संपर्क और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है। इन गतिविधियों का उद्देश्य परिवारों को अपने दैनिक भोजन में उपलब्ध स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि सुपरवाइजरों और पोषण कोऑर्डिनेटरों की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि पोषण संबंधी संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि “सही पोषण, स्वस्थ जीवन की नींव है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने दैनिक भोजन में विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करके संतुलित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोषण माह की गतिविधियों को सफल बनाने के लिए सुपरवाइजर, पोषण कोऑर्डिनेटर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूरी सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं तथा लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।