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कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? हेमंत सोरेन के करीबी मंत्री की अचानक मौत, रात में सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत

September 6, 2026

कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? हेमंत सोरेन के करीबी मंत्री की अचानक मौत, रात में सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत

Time Published: Sunday, September 6, 2026, 8:29 [IST]

झारखंड की राजनीति में 06 सितंबर की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई। गिरिडीह से विधायक और हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। शनिवार (05 सितंबर) देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। उन्हें सीने में दर्द हुआ। परिवार के लोग उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

शुरुआती जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक चले जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा और हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा झटका लगा है। वह सिर्फ गिरिडीह के विधायक नहीं थे। पार्टी और सरकार में उनकी अहम भूमिका थी।

Sudivya Kumar Sonu Death

रात में अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले गए पर नहीं बच सके

मिली जानकारी के मुताबिक, 5 सितंबर की रात सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह स्थित अपने घर पर थे। रात करीब 12 बजे उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने दर्द को सहन किया, लेकिन करीब दो बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार उन्हें मर्सी अस्पताल ले गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

उनकी मौत की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भीड़ जुटने लगी। झारखंड की राजनीति में सक्रिय एक नेता का इस तरह अचानक चले जाना हर किसी के लिए बड़ा झटका है।

कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू? (Who Was Sudivya Kumar Sonu)

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह गिरिडीह सदर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। 2024 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार विधायक बने।

दूसरी जीत के बाद उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वह गिरिडीह से झामुमो के टिकट पर जीतकर मंत्री बनने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से उनका परिवार भी गहरे सदमे में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं।

सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में गिना जाता था। पार्टी के भीतर उनकी सक्रिय भूमिका थी और सरकार में भी उन्हें कई बड़े विभाग दिए गए थे। उनके पास नगर विकास और आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य जैसे विभागों की जिम्मेदारी थी। यानी सरकार के शहरी विकास से लेकर शिक्षा, पर्यटन और युवाओं से जुड़े कई बड़े काम उनके पास थे।

सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर गिरिडीह से जुड़ा रहा। 2019 में पहली बार विधानसभा पहुंचने के बाद उन्होंने इलाके में अपनी पकड़ मजबूत की। 2024 में दोबारा चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति और मजबूत की। मंत्री बनने के बाद उनकी भूमिका सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। राज्य सरकार के कई अहम विभाग उनके पास थे। हाल के महीनों में भी वह सरकारी कार्यक्रमों और विकास से जुड़े कामों में सक्रिय रहे थे।

झामुमो ने कहा- यह पार्टी और झारखंड के लिए बड़ी क्षति

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झामुमो ने सोशल मीडिया पर शोक जताया। पार्टी ने उन्हें अपना समर्पित साथी और सरकार का अहम सदस्य बताते हुए कहा कि उनके जाने से पार्टी, सरकार और पूरे झारखंड को अपूरणीय नुकसान हुआ है। झामुमो ने उनके संघर्ष और जनता के लिए किए कामों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।