सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े तेवर, बातचीत के लिए गुहार लगा रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) ने अपने फैसले में दोहराया है कि सिंधु जल संधि पूरी तरह लागू और बाध्यकारी बनी हुई है.
Written By : राजेश कुमार | Updated at : 02 Sep 2026 08:16 PM (IST)

भारत के सामने बातचीत की गुहार लगा रहा पाकिस्तान
Source : IANS
भारत के सख्त रुख के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर सिंधु जल संधि को लेकर बातचीत की इच्छा जताई है. सिंधु जल संधि पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Permanent Court of Arbitration) के फैसले को आधार बनाते हुए पाकिस्तान ने भारत से 1960 की संधि के तहत जल बंटवारे के मुद्दे पर रचनात्मक और सकारात्मक वार्ता की अपील की है. पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि भारत को सिंधु जल संधि के दायरे में रहते हुए बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसे दोनों देशों ने गंभीरता से स्वीकार किया था.
पाक लगा रहा गुहार
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) ने अपने फैसले में दोहराया है कि सिंधु जल संधि पूरी तरह लागू और बाध्यकारी बनी हुई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस फैसले को लागू कराने और संधि का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा.
अंद्राबी का ये बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के अपने फैसले को रद्द करने संबंधी मध्यस्थता न्यायालय के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है. भारत का कहना है कि इस मामले में न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र स्वीकार्य नहीं है और उसका फैसला भारत पर बाध्यकारी नहीं है.
भारत के कड़े तेवर से निकली हेकड़ी
गौरतलब है कि भारत ने पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए थे. इसी क्रम में सिंधु जल संधि को भी स्थगित रखने का फैसला किया गया था. उस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. भारत के इस कदम को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान ने इस वर्ष मार्च में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.
पाकिस्तान का तर्क था कि सिंधु जल संधि को एकतरफा तरीके से निलंबित नहीं किया जा सकता. ताहिर अंद्राबी ने कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि संधि अब भी पूरी तरह प्रभावी है और दोनों देशों पर लागू होती है. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान न्यायालय के फैसले को लागू कराने के लिए सभी उपलब्ध कानूनी और कूटनीतिक विकल्पों का उपयोग करेगा.
हालांकि, भारत अपने रुख पर कायम है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद से जुड़े मुद्दों को देखते हुए उसके फैसलों को किसी बाहरी मंच द्वारा निर्देशित नहीं किया जा सकता. ऐसे में सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच कानूनी और कूटनीतिक विवाद आगे भी जारी रहने की संभावना है.

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
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Published at : 02 Sep 2026 08:16 PM (IST)
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