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तालाब में फिर दिखा 'गुलाबी रहस्य', एक महीने में दूसरी बार बदला पानी का रंग; जोजरी किनारे ग्रामीणों में डर

September 2, 2026

तालाब में फिर दिखा 'गुलाबी रहस्य', एक महीने में दूसरी बार बदला पानी का रंग; जोजरी किनारे ग्रामीणों में डर

तालाब के पानी का रंग बदला

Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर में लूणी विधानसभा क्षेत्र के तनावड़ा गांव में जोजरी नदी किनारे स्थित एक तालाब का पानी एक बार फिर गुलाबी रंग में बदल गया है. करीब एक महीने के भीतर दूसरी बार तालाब के पानी का रंग बदलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है. ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई है और इसके पीछे रासायनिक या औद्योगिक प्रदूषण की आशंका व्यक्त की है. अब ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल और जिला प्रशासन से पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग की है.

ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक माह पहले भी तालाब का पानी अचानक गुलाबी हो गया था. उस समय भी लोगों में पानी के प्रदूषित होने को लेकर आशंका पैदा हुई थी. अब दोबारा पानी का रंग बदलने के बाद सवाल और गंभीर हो गए हैं कि आखिर तालाब में ऐसा कौन सा पदार्थ पहुंच रहा है, जिससे उसका रंग लगातार असामान्य हो रहा है.

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने एहतियातन तालाब के पानी का उपयोग बंद कर दिया है. पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को यहां पानी पिलाना छोड़ दिया है. लोगों का कहना है कि जब तक पानी की वैज्ञानिक जांच नहीं हो जाती और इसके रंग बदलने का वास्तविक कारण सामने नहीं आता, तब तक इसका इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है.

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब में किसी रासायनिक पदार्थ या औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषित पानी पहुंच रहा हो. उनका कहना है कि केवल पानी की जांच ही नहीं, बल्कि प्रशासन को यह भी पता लगाना चाहिए कि तालाब तक संदिग्ध पानी किस रास्ते और किस माध्यम से पहुंच रहा है. यदि किसी तरह का प्रदूषित पानी इसमें मिल रहा है तो उसके स्रोत की पहचान कर उसे तत्काल रोका जाना जरूरी है.

पानी में हानिकारक रसायन होने की आशंका

ग्रामीणों की चिंता केवल तालाब तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि यदि पानी में हानिकारक रसायन मौजूद हैं और वह लगातार जमीन में रिस रहा है, तो इसका असर आसपास के भूजल पर भी पड़ सकता है. इसके अलावा कृषि भूमि और फसलों के प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के चारों ओर तार-कंटीली बाड़ लगाने की भी मांग की है, ताकि कोई व्यक्ति या पशु अनजाने में इस पानी के संपर्क में न आए. फिलहाल सभी की नजर पानी की जांच रिपोर्ट पर टिकी है. जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तालाब का पानी बार-बार गुलाबी क्यों हो रहा है और इसके पीछे प्राकृतिक कारण है या फिर किसी प्रकार का प्रदूषण.

ध्वज आर्य

ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

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