Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया. टाइगर के एन्क्लोजर में घास काटने गई एक महिला मजदूर पर बाघ ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई. मृतका की पहचान नांगल सुसावतान निवासी 42 वर्षीय सुगना देवी के रूप में हुई है. घटना के बाद पार्क में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने मुआवजे व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. शुरुआती जांच में वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एक फॉरेस्टर को निलंबित कर दिया गया, जबकि कथित तौर पर टाइगर के पिंजरे का गेट खोलने वाले वनकर्मी को हिरासत में लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, सुगना देवी बुधवार सुबह करीब 9 बजे छह अन्य महिला मजदूरों के साथ टाइगर शिवाजी के एन्क्लोजर में घास काटने के लिए गई थीं. साथी मजदूरों के अनुसार, उस समय टाइगर पहले अपने पिंजरे में बंद था. आरोप है कि मजदूरों के बाड़े में काम करने के दौरान किसी ने टाइगर के पिंजरे का गेट खोल दिया, जिसके बाद वह बाहर निकल आया. टाइगर को सामने देखकर मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई.
पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शी भोरी देवी के अनुसार, जान बचाने के लिए वह पेड़ पर चढ़ गईं, जबकि अन्य महिलाएं विद्या देवी, नौरती, टीकम, रुक्मणी और कमला जाल पर चढ़कर बचने में कामयाब रहीं. सुगना देवी भी एन्क्लोजर के जाल पर चढ़ने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन टाइगर ने उन्हें नीचे खींच लिया और हमला कर दिया. इस हमले में सुगना देवी की मौके पर ही मौत हो गई.
घटना के बाद जमवारामगढ़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण पार्क पहुंचे. आमेर विधायक प्रशांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. परिजनों ने बताया कि सुगना देवी ही परिवार की मुख्य कमाने वाली सदस्य थीं. उनके पति करीब डेढ़ साल पहले एक हादसे में झुलस गए थे और तब से बिस्तर पर हैं. परिवार में दो छोटे बच्चे भी हैं. ऐसे में सुगना की मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों और परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर विरोध जताया.
डीएफओ ने क्या कहा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीएफओ विश्वास व्यास ने शुरुआती जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की बात स्वीकार की. विभाग ने संबंधित फॉरेस्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं, पिंजरे का गेट खोलने के आरोप में एक वनकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. प्रशासन ने मृतका के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, दोनों बेटों को संविदा पर नौकरी और एक डेयरी बूथ देने की घोषणा की है.
छुट्टी पर था केयरटेकर
बताया जा रहा है कि घटना के समय टाइगर शिवाजी का नियमित केयरटेकर छुट्टी पर था. हादसे के बाद उसे फोन कर बुलाया गया और मौके पर पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया. आरोप है कि इस दौरान टाइगर मृतका के शव के पास ही बैठा रहा. केयरटेकर के पहुंचने के बाद उसने टाइगर का ध्यान भटकाकर उसे पिंजरे की ओर ले गया, जिसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने सुगना देवी का शव वहां से हटाया.
इस घटना ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मजदूर टाइगर के एन्क्लोजर में काम कर रहे थे, तब पिंजरे का गेट आखिर कैसे खुला और इस गंभीर सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार कौन है. फिलहाल वन विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं.

ध्वज आर्य
राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.
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