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जामताड़ा में बैजड़ा घाट पुल का पिलर धंसा, आवागमन बंद: पुल में दरारें आईं, लोगों ने अवैध बालू उठाव पर उठाए सवाल; बढ़ी परेशानी - Jamtara News

August 19, 2026

धनबाद से टुंडी होते हुए जामताड़ा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 419 पर बराकर नदी पर बना बैजड़ा घाट पुल बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया। जामताड़ा की ओर वाले छोर पर पिलर नंबर छह के करीब एक से डेढ़ फीट धंस जाने के कारण पुल में दरारें आ गईं।

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हादसे की आशंका को देखते हुए धनबाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के निर्देश पर पुल से वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कर दी गई है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बराकर नदी में पानी का तेज बहाव और लगातार अवैध बालू उठाव पुल के पिलर के आसपास की मिट्टी और नदी की तलहटी को कमजोर कर रहा था। इसी कारण पिलर नंबर छह के धंसने की आशंका जताई जा रही है।

अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा

पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आवागमन रोक दिया। बैजड़ा घाट पुल के बंद होने से दोनों जिलों के लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पुल के निर्माण से पहले धनबाद और जामताड़ा के बीच काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी।

पुल बनने के बाद टुंडी के रास्ते सीधा संपर्क स्थापित हुआ, जिससे ग्रामीण, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी-पेशा लोग रोजाना इसका उपयोग करते थे। अब उन्हें दूसरे रास्ते से लगभग 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।

पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था

बैजड़ा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में विशेष प्रमंडल जामताड़ा द्वारा लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद से ही इसकी सुरक्षा और नदी में होने वाले बालू उठाव पर नियमित निगरानी की आवश्यकता थी। कम समय में पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने से इसके निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

अवैध बालू उठाव का आरोप

सुखजोड़ा पंचायत के मुखिया जोसेफ मुर्मू और ग्राम प्रधान अशोक सिंह ने बराकर नदी में कथित अवैध बालू उठाव को पुल के क्षतिग्रस्त होने का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से नियमों की अनदेखी कर बालू उठाव किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकाले जाने के कारण नींव कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से नदी में बालू उठाव की जांच कराने और पुल की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी पुल के धनबाद जिले की ओर वाले हिस्से में इसी तरह की समस्या सामने आई थी। उस घटना के बाद भी नदी से बालू उठाव और पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी नहीं होने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं।

फिलहाल पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है। इससे धनबाद और जामताड़ा के बीच इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पिलर की तत्काल तकनीकी जांच, पुल की मरम्मत और नदी में अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग की है। पुल की मरम्मत होने तक वैकल्पिक मार्ग ही लोगों के आवागमन का सहारा रहेगा।

जामताड़ा अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं। थाना प्रभारी और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर भी पहुंचे हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आजावाही बंद कर दी गई है। जेसीबी लगाकर मिट्टी भराई का काम चल रहा है। आगे की निरीक्षण का काम जारी है।