Petrol Export Tax: पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स जीरो हो गया, लेकिन क्या आपके पेट्रोल पंप पर कीमत घटेगी? जानिए सरकार के फैसले का आपकी जेब पर क्या असर होगा।
Petrol Export Tax Zero: पेट्रोल को लेकर इस समय एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे पढ़कर कई लोगों को लग सकता है कि अब पेट्रोल पंप पर इसकी कीमत कम हो जाएगी। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को घटाकर शून्य कर दिया है। हालांकि, इसका सीधा फायदा घरेलू पेट्रोल खरीदने वाले ग्राहकों को नहीं मिलेगा। जानिए पूरी डिटेल।
पेट्रोल निर्यात पर लगने वालने टैक्स में क्या बदला?
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली लेवी को ₹3.5 प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) ₹24 प्रति लीटर पर बरकरार रखा गया है, जबकि रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) को ₹1.5 से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला टैक्स ₹22 से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर किया गया है। नई दरें 15 अगस्त से प्रभावी हैं।
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आपके शहर के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कीमत पर क्या असर?
- सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स और घरेलू पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स अलग-अलग हैं। इसलिए एक्सपोर्ट लेवी शून्य होने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल पंप पर भी कीमत ₹3.5 प्रति लीटर कम हो जाएगी।
- घरेलू पेट्रोल की खुदरा कीमत में कच्चे तेल और रिफाइनिंग की लागत के अलावा केंद्र के उत्पाद शुल्क, राज्य सरकार का VAT और डीलर कमीशन जैसे अलग-अलग घटक शामिल होते हैं। राज्यों में VAT की दरें अलग होने के कारण देशभर में पेट्रोल की कीमत भी एक जैसी नहीं होती।
- सरकार ने इस बार घरेलू पेट्रोल और डीजल पर लागू उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। इसलिए इस फैसले से पेट्रोल पंप पर बिकने वाले पेट्रोल की कीमत में सीधी कटौती नहीं हुई है।
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रिफाइनरियों को क्या फायदा होगा?
एक्सपोर्ट लेवी कम होने से विदेश में पेट्रोल बेचने वाली भारतीय रिफाइनरियों की निर्यात लागत घट सकती है। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल बेचने की उनकी अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले बेहतर हो सकती है। हालांकि, इसका घरेलू पेट्रोल की कीमत पर कितना अप्रत्यक्ष असर पड़ेगा, यह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग मार्जिन और बाजार की परिस्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा।
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर इन निर्यात शुल्कों की समीक्षा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर 15 दिन में करती है। इसलिए मौजूदा दरें आगे भी बदल सकती हैं। यानी पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स जरूर जीरो हुआ है, लेकिन घरेलू पेट्रोल पर टैक्स में कोई नई कटौती नहीं हुई। इसलिए सिर्फ इस फैसले के आधार पर पेट्रोल पंप पर कीमत घटने की उम्मीद करना सही नहीं होगा।