world-news

दुकानदार बोला- लाठीचार्ज से भगदड़ मची, दुकान बंद कर भागा: अंबाला में हाईवे पर टकराव के बाद टूटी पुलिस की लाठियां, आंसू गैस के खोल मिले - Ambala News

August 14, 2026

अंबाला में 13 अगस्त की शाम को सिख-किसानों के प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे-44 पर हुए बवाल के अगले दिन शुक्रवार को दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। हाईवे पर यातायात सामान्य था, लेकिन सड़क किनारे टूटी पुलिस की लाठियां, आंसू गैस के खाली खोल, पुलिसकर्

.

गुरुवार को करीब 4 घंटे तक हाईवे पर हंगामा चला। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इसमें DSP सहित 9 पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) प्रधान जगदीश सिंह झींडा समेत 16 नामजद प्रदर्शनकारियों और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

एक दुकानदार ने दैनिक भास्कर को बताया कि लाठीचार्ज और आंसू गैस शुरू होते ही भगदड़ मच गई। उसने दुकान बंद कर दी और वहां से भाग गया। वहीं, पेट्रोल पंप कर्मचारी ने कहा कि लोग घंटों वाहनों में फंसे रहे और पानी तक के लिए परेशान हुए।

टकराव के बाद की तीन तस्वीरें…

हाईवे पर आंसू गैस के खोल भी पड़े हुए मिले।

हाईवे पर आंसू गैस के खोल भी पड़े हुए मिले।

बवाल के अगले दिन हाईवे पर पड़ी मिली पुलिसकर्मी राजेश कुमार की टूटी नेम प्लेट।

बवाल के अगले दिन हाईवे पर पड़ी मिली पुलिसकर्मी राजेश कुमार की टूटी नेम प्लेट।

टकराव के बाद 14 अगस्त को अंबाला में जग्गी सिटी सेंटर के सामने पुलिसबल तैनात रहा।

टकराव के बाद 14 अगस्त को अंबाला में जग्गी सिटी सेंटर के सामने पुलिसबल तैनात रहा।

पुलिसकर्मी बोला- अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बढ़ेगा

शुक्रवार को करीब 100 पुलिसकर्मी हाईवे और आसपास के क्षेत्र में तैनात थे। हाईवे के जिस हिस्से पर गुरुवार रात लाठीचार्ज हुआ था, वहां सड़क किनारे पुलिस की टूटी फाइबर लाठियां पड़ी थीं। पुलिसकर्मी की टूटी नेम प्लेट सड़क पर वाहनों के टायरों से दबकर चिपकी हुई मिली। मौके पर भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) की एक गाड़ी खड़ी थी। उसके लगभग सभी शीशे टूटे हुए थे।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कैमरे पर बात करने से इनकार किया। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बढ़ जाएगा। प्रदर्शनकारियों की संख्या काफी ज्यादा थी। पुलिस के सामने हाईवे पर फंसे लोगों और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के साथ भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती थी।

अंबाला पुलिस की तरफ से टूटी हुई पुलिस गाड़ियों की तस्वीरें जारी की गईं।

अंबाला पुलिस की तरफ से टूटी हुई पुलिस गाड़ियों की तस्वीरें जारी की गईं।

जानिए प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया…

'अचानक भगदड़ मची, दुकान बंद करनी पड़ी'

जग्गी सिटी सेंटर के सामने चाय की टपरी चलाने वाले अनिल कुमार ने बताया- गुरुवार दोपहर से ही हाईवे पर प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। कुछ देर बाद हाईवे पर जाम लगा दिया गया। पुलिस मौके पर थी और प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे। दिन में एक बार माहौल शांत हुआ था, लेकिन शाम होते-होते फिर तनाव बढ़ गया। रात में अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया और आंसू गैस के गोले दागे जाने लगे। इसके बाद भगदड़ मच गई। मैं अपनी दुकान बंद करके घर की तरफ चला गया। मुझे डर था कि आंसू गैस का गोला दुकान के पास आ सकता है या भगदड़ में कोई घटना हो सकती है।

'लोग घंटों गाड़ियों में फंसे रहे'

जग्गी सिटी सेंटर के पास पेट्रोल पंप कर्मचारी सतदेव तिवारी ने बताया- गुरुवार को हाईवे लंबे समय तक बंद रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। कई लोग घंटों अपने वाहनों में फंसे रहे। कुछ लोग पानी के लिए भी परेशान होते दिखाई दिए। लोगों को यह पता नहीं था कि हाईवे कब खुलेगा। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच स्थिति ज्यादा बिगड़ी। पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। इसके बाद आंसू गैस और लाठीचार्ज शुरू हुआ।

पेट्रोल पंप पर काम करने वाले सतदेव तिवारी ने कहा कि हंगामे की वजह से हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ था।

पेट्रोल पंप पर काम करने वाले सतदेव तिवारी ने कहा कि हंगामे की वजह से हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ था।

पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे के पास लोगों ने बोलने से इनकार किया

दैनिक भास्कर की टीम हाईवे के बाद पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा पहुंची। 7 अगस्त को यहीं से पूरे विवाद की शुरुआत हुई थी। गुरुद्वारा साहिब के पास उस चौक पर भी टीम पहुंची, जहां पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर हमला हुआ था। आसपास के दुकानदारों से बात की गई, लेकिन ज्यादातर लोगों ने घटना पर बोलने से इनकार कर दिया।

14 अगस्त को पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा के पास भी माहौल शांत था।

14 अगस्त को पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा के पास भी माहौल शांत था।

अंबाला पुलिस बोली- DSP समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए

अंबाला पुलिस के मुताबिक, नेशनल हाईवे खुलवाने के दौरान कुछ हथियारबंद उपद्रवियों और शरारती तत्वों ने माहौल को बिगाड़ते हुए पुलिस बल पर जानलेवा हमला किया। इस घटना में DSP वीरेंद्र समेत 9 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस कर्मचारियों पर तलवारों, गंडासों, कुल्हाड़ियों, भालों और अन्य घातक हथियारों से अचानक हमला कर दिया। हमले के दौरान CIA-02 इंचार्ज पर तलवार से सीधा वार किया गया। गनीमत रही कि उनके बॉडी प्रोटेक्टर ने उनकी जान बचा ली।

आरोपियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और कानून व्यवस्था ड्यूटी में लगी पुलिस की लगभग 8 गाड़ियों में तोड़फोड़ की। थाना बलदेव नगर और थाना पंजोखरा साहिब में 16 नामजद सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

HSGMC ने मीटिंग कर तीन मांगें रखीं

केस दर्ज होने के बाद शुक्रवार को HSGMC ने कुरुक्षेत्र में मीटिंग की। इसमें प्रशासन के सामने 3 मांगें रखने का फैसला लिया गया। HSGMC प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली मांग गुरसिमरन सिंह मंड और उसके बेटे मनजोत सिंह की गिरफ्तारी है। दूसरी मांग गिरफ्तार किए गए दोनों सिख युवकों की तुरंत रिहाई है। तीसरी मांग 13 अगस्त को हाईवे पर हुए विवाद में दर्ज मुकदमों को रद्द करने की है। झींडा ने कहा कि 25 अगस्त तक तीनों मांगें पूरी नहीं हुईं तो पिपली अनाज मंडी में बड़ी बैठक बुलाई जाएगी। इसमें आगे के आंदोलन पर फैसला होगा।

----------------------------------

ये खबरें भी पढ़ें :-

अंबाला बवाल में HSGMC प्रधान पर FIR:SP का दावा- गैस टैंकर से शरारत की साजिश थी; झींडा बोले- मामला अकाल तख्त लेकर जाएंगे

अंबाला में सिखों-किसानों और पुलिस में टकराव:DSP का अंगूठा कटा, सिख नेता पर हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग

Y+ सिक्योरिटी, फिर भी पिटे खालिस्तान विरोधी नेता मंड:बोले- पंजाब पुलिस जवान हाथ जोड़ते रहे, CRPF वाले पिटते देख हंसते रहे, 2 तलब