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चेंजमेकर्स ऑफ अजमेर: अजीत सिंह ने तकनीकी नवाचार से स्थानीय उद्योग को आयात निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया - Jaipur News

August 14, 2026

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अजमेर का विकास अब केवल सड़कों, मॉल्स और बेहतर लाइफस्टाइल तक सीमित नहीं है। शहर ने औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी क्षमता विकसित की है। KMT प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अजीत सिंह इस बदलाव को करीब से देखने के साथ अपने परिवार की औद्योगिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, आज का अजमेर ऐसा शहर बन रहा है जहां बेहतर सुविधाओं और बढ़ते अवसरों के कारण युवाओं और कारोबारियों को दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत पहले जैसी नहीं रही। अजीत सिंह बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक अजमेर में सामान्य लाइफस्टाइल सुविधाओं के लिए भी किशनगढ़ या जयपुर का रुख करना पड़ता था। आज शहर में बड़े मॉल्स, बेहतर सड़कें और नए कमर्शियल क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। उनका मानना है कि यह बदलाव लोगों की जीवनशैली के साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रहा है।

1985 से तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सफर

KMT की कहानी अजमेर की औद्योगिक क्षमता का उदाहरण भी है। कंपनी की शुरुआत 1985 में अजीत सिंह के पिता ने की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीकी विशेषज्ञता और लगातार सीखने की प्रतिबद्धता के आधार पर उन्होंने स्टोन प्रोसेसिंग मशीन मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार खड़ा किया। अजीत सिंह के अनुसार, शुरुआती दौर में इस उद्योग की मशीनरी और उपकरणों के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। गैंगसॉ जैसी मशीनों के लिए चीन और इटली जैसे देशों से तकनीक और मशीनरी मंगाई जाती थी। KMT ने इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए देश में ही मशीनों का विकास और निर्माण शुरू किया।

आयात से पेटेंट तकनीक तक

कंपनी के मुताबिक, अब तक 5,000 से अधिक मशीनों का निर्माण किया जा चुका है और विदेशों में भी इनका निर्यात हुआ है। मिस्र में 100 से अधिक गैंगसॉ मशीनों की सप्लाई किए जाने का दावा कंपनी करती है। KMT ने मल्टीकटर्स जैसी मशीनरी में भी तकनीकी विकास किया है और पेटेंट तकनीक के साथ इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप समाधान तैयार किए हैं। अजीत सिंह के अनुसार, यह सफर केवल कारोबार बढ़ाने का नहीं, बल्कि उस क्षेत्र में देश की तकनीकी क्षमता विकसित करने का रहा है, जो लंबे समय तक विदेशी मशीनरी पर निर्भर था।

अजमेर से ग्लोबल मार्केट तक

KMT की यात्रा स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की कहानी भी है। कंपनी के अनुसार, उसकी मशीनरी मिस्र समेत कई देशों में इस्तेमाल हो रही है। यहां तक कि चीन को भी एक मशीन निर्यात की गई- जिसे कंपनी भारतीय तकनीकी क्षमता के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानती है। अजीत सिंह के लिए इस पूरी यात्रा की नींव उनके पिता की तकनीकी विशेषज्ञता, लंबे अनुभव और लगातार प्रयोग करने की सोच रही है। वह मानते हैं कि किसी उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए केवल पूंजी नहीं, बल्कि तकनीक, अनुभव और नवाचार के प्रति जुनून जरूरी है। आज KMT की कहानी अजमेर की उस बदलती तस्वीर को सामने रखती है, जिसमें शहर केवल पर्यटन और व्यापार के लिए नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक और उद्यमिता के लिए भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।