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बिहार सरकार कोचिंग सेंटरों की मनमानियों पर लगाएगी रोक, ज्यादा फीस लेने पर लगेगा लाखों का जुर्माना

July 11, 2026

बिहार सरकार कोचिंग सेंटरों की मनमानियों पर लगाएगी रोक, ज्यादा फीस लेने पर लगेगा लाखों का जुर्माना

Bihar New Coaching Rules: बिहार सरकार कोचिंग संस्थानों की मनमानी रोकने के लिए एक नई बेहद सख्त कोचिंग पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत एक विशेष रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया जाएगा.

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Bihar New Coaching Rules: बिहार में कोचिंग संस्थानों की मनमानी और मनमाफिक फीस वसूली पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है. शिक्षा विभाग के स्तर पर एक बेहद सख्त और नई कोचिंग पॉलिसी लाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है. इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कोचिंग सेंटरों के मानसिक और आर्थिक दबाव से मुक्ति दिलाना है.

सरकार इस पॉलिसी के तहत कोचिंग सेंटरों को पूरी तरह नियंत्रित और संचालित करने के लिए एक विशेष नियंत्रण व विनियमन प्राधिकरण का गठन करने जा रही है. अगर कोई भी कोचिंग संस्थान इस नई पॉलिसी के नियमों की अनदेखी करता है या उसका उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर दो लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा. इस पूरी नीति का खाका तैयार करने के लिए बिहार सरकार फिलहाल राजस्थान सरकार की सफल कोचिंग पॉलिसी का गहराई से अध्ययन कर रही है ताकि नियमों को पूरी तरह व्यावहारिक बनाया जा सके.

एक साथ पूरे साल की फीस वसूलने पर लगेगी रोक

वर्तमान समय में बड़े नाम वाले कोचिंग संस्थान छात्रों और उनके अभिभावकों से एक बार में या फिर ज्यादा से ज्यादा दो किश्तों में पूरे साल की भारी भरकम फीस एडवांस में वसूल लेते हैं. सरकार की इस नई कोचिंग पॉलिसी के लागू होने के बाद इस तरह की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी. अब कोई भी संस्थान किसी भी छात्र से एक साथ पूरे साल की फीस नहीं मांग सकेगा. कोचिंग संस्थानों को हर हाल में छात्रों को आसान मासिक या त्रैमासिक किश्तों में फीस जमा करने का विकल्प देना होगा.

इसके अलावा, कोर्स शुरू होने के बाद बीच में कोई भी संस्थान अपनी फीस में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा. नई व्यवस्था के तहत सभी कोचिंग सेंटरों को गठित अथॉरिटी के पास एक लिखित शपथ पत्र भी जमा करना होगा. अगर कोई छात्र किसी कारणवश बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देता है, तो कोचिंग संस्थान को बिना किसी आनाकानी या झंझट के उसकी बची हुई अवधि की फीस, हॉस्टल और मेस की राशि तुरंत वापस करनी होगी.

5 घंटे से ज्यादा पढ़ाई पर पाबंदी और नए नियम

छात्रों की सहूलियत और उनके बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए इस पॉलिसी में राजस्थान मॉडल की तर्ज पर कई कड़े नियम जोड़े जा रहे हैं. अब कोई भी कोचिंग सेंटर एक दिन में छात्रों को पांच घंटे से अधिक समय तक नहीं पढ़ा सकेगा. इसके साथ ही, हफ्ते में एक दिन छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए साप्ताहिक छुट्टी देना पूरी तरह से अनिवार्य होगा.

इस साप्ताहिक छुट्टी के ठीक अगले दिन कोचिंग संस्थान किसी भी तरह का टेस्ट या परीक्षा का आयोजन नहीं कर सकेंगे ताकि बच्चों को छुट्टी का पूरा लाभ मिल सके. बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए हर कोचिंग सेंटर में एक प्रोफेशनल साइकोलॉजिस्ट को रखना जरूरी होगा, जो समय समय पर काउंसिलिंग के जरिए छात्रों की मदद करेंगे. इसके अलावा, बच्चों की बुद्धिमत्ता या नंबरों के आधार पर कोचिंग में अलग अलग स्पेशल बैच या स्टार बैच बनाने पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी ताकि बच्चों में हीन भावना न आए.

भीड़ से बचाने के लिए शहर के बाहर शिफ्ट होंगे कोचिंग सेंटर

शहरी इलाकों में कोचिंग संस्थानों की भारी तादाद की वजह से लगने वाले जाम और भीड़भाड़ की गंभीर समस्या से निपटने के लिए भी सरकार एक बड़ा मास्टर प्लान बना रही है. इसके तहत आने वाले समय में बड़े कोचिंग संस्थानों को शहर के मुख्य और व्यस्त दायरे से बाहर निर्धारित क्षेत्रों में ले जाने का फैसला लिया जा सकता है. नए नियमों के अनुसार, क्लासरूम के भीतर भी बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें प्रति छात्र कम से कम एक से डेढ़ मीटर की जगह होना बेहद आवश्यक है. इसके साथ ही राज्य में चल रहे सभी छोटे और बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए सरकार के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना पूरी तरह से अनिवार्य किया जा रहा है, बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले संस्थानों को अवैध माना जाएगा.

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