पौधारोपण अभियान भविष्य की सुरक्षा का संकल्प : राज्यपाल
August 9, 2026

Tree plantation: A pledge to safeguard the future : शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पौधरोपण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प है। उन्होंने सोलन के समलेच गांव में सभ्य री-फॉरेस्टर्स के 11वें वार्षिक पौधरोपण अभियान का शुभारम्भ करते हुए पर्यावरण संरक्षण और पौधों की नियमित देखभाल पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ जीवन का आधार हैं, जो हमें स्वच्छ वायु प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल शुरुआत है। इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब हम उसकी देखभाल और सुरक्षा करते हुए उसे एक स्वस्थ वृक्ष बनने तक पोषित करें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएं। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को सदैव पवित्र माना गया है और पर्यावरण संरक्षण देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने वनों, हिमालयी पर्वतों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता के कारण क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हिमालय संरक्षण पूरे देश की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा केवल हिमाचल प्रदेश की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा, बादल फटना, भू-स्खलन, ग्लेशियरों का सिकुड़ना और बढ़ते तापमान जैसी परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और पारिस्थितिक क्षति को न्यूनतम करने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने नागरिकों से वनीकरण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक में कमी लाने से संबंधित पहलों में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, उद्योगों और स्वयंसेवी संगठनों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया। राज्यपाल ने अभियान के तहत आयोजित चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं कोे भी सम्मानित किया। इस अवसर पर विशेष अतिथि श्याम जाजू ने पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संगठन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पौधों के संरक्षण और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के संगठन के संकल्प की प्रशंसा की। स्कूली विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर आधारित एक लघु नाटक का मंचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण किया।