उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिफॉन साड़ी खरीदी और ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बुनकरों, कारीगरों और महि
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उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया आज स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। दरअसल, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर की ओर से 'FLO कलेक्टिव 2026' प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

जयपुर रग्स की स्टॉल पर दीया कुमारी ने अपने हाथ से अक्षर बनाया।
महिला उद्यमियों, बुनकरों और पारंपरिक हस्तशिल्प कलाकारों का उत्साह बढ़ाया
प्रदर्शनी में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने महिला उद्यमियों, बुनकरों और पारंपरिक हस्तशिल्प कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन करते हुए स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की सराहना की और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया।
प्रदर्शनी के दौरान दीया कुमारी खुद कोटा डोरिया की लहरिया साड़ी पहनकर आई थी और उन्होंने स्वयं एक शिफॉन साड़ी खरीदी और पारंपरिक छापा कला (ब्लॉक प्रिंटिंग) का अनुभव भी लिया।
उन्होंने प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ब्लॉक्स की मदद से कपड़े पर स्वयं प्रिंटिंग कर इस पारंपरिक कला के प्रति अपनी रुचि दिखाई। इस दौरान उन्होंने कलाकारों से ब्लॉक प्रिंटिंग की तकनीक, प्राकृतिक रंगों के उपयोग और पारंपरिक शिल्प संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में शहर की महिला उद्यमी काफी संख्या में मौजूद रही।
सुरक्षित हाथों में है राजस्थान की हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान के छोटे-छोटे गांवों और कस्बों में रहने वाले बुनकर, आर्टिजन और क्राफ्टमैन हमारी सांस्कृतिक विरासत के असली संरक्षक हैं। उनकी कला को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए उन्हें बड़े मंच और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित प्रत्येक कलाकृति कारीगरों की मेहनत, समर्पण और वर्षों से चली आ रही परंपरा की कहानी कहती है।
उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा महिला-नेतृत्व वाले ब्रांड्स का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान की हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा सुरक्षित हाथों में है। ऐसे आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने व्यवसाय का विस्तार करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
सोशल मीडिया के दौर में करें प्रोत्साहित
दीया कुमारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है और हर व्यक्ति अपने मोबाइल के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और उनके उत्पादों को नई पहचान दिला सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी हम अपने स्थानीय आर्टिजन्स को प्रोत्साहित कर सकते हैं। अगर हम उनके उत्पादों को साझा करेंगे तो उनकी कला देश और दुनिया तक पहुंचेगी।
उन्होंने स्वदेशी उत्पादों की खरीद को स्थानीय अर्थव्यवस्था और कारीगरों के सशक्तिकरण से जोड़ते हुए नागरिकों से ज्यादा से ज्यादा भारतीय उत्पाद अपनाने का आग्रह किया।
'FLO कलेक्टिव 2026' का उद्देश्य महिलाओं को मंच प्रदान करना
इस अवसर पर फिक्की फ्लो जयपुर की चेयरपर्सन वृंदा कोठारी ने बताया कि 'FLO कलेक्टिव 2026' का उद्देश्य महिला उद्यमियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकें।
प्रदर्शनी में फैशन, ज्वेलरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, कला और हस्तशिल्प से जुड़े 60 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले ब्रांड्स ने भाग लिया। दिनभर चली प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी की और हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों को भी सराहा।
यहां देखिए फोटोज…

महिला उद्यमी कमला पोद्दार ने अपनी ज्वेलरी डिजाइन और स्टूडेंट्स के कलेक्शन से दीया कुमारी को रूबरू करवाया।

कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला खरीददारी करने पहुंची।

दीया कुमारी ने फीता काटकर प्रदर्शनी की शुरुआत की।