कल्याण में अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय को मंजूरी, ठाणे राजस्व प्रशासन के पुनर्गठन का बड़ा फैसला
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Written By:
रूपम सिंह
Updated On: Aug 06, 2026 | 09:55 AM IST
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सार
Thane District Restructuring: राज्य सरकार ने ठाणे जिले में राजस्व प्रशासन का पुनर्गठन करते हुए कल्याण में अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय और शहापुर में उपविभागीय अधिकारी कार्यालय को मंजूरी दी।

ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Thane Kalyan Additional Collector Office: मुंबई महानगर क्षेत्र में शहरीकरण, तेजी से बढ़ रही आबादी व राजस्व विभाग पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने राजस्व प्रशासन का पुनर्गठन करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस पुनर्गठन के तहत, ठाणे जिले के कल्याण में एक अतिरिक्त जिलाधिकारी का कार्यालय और आदिवासी तहसील शहापुर में एक उपविभागीय अधिकारी कार्यालय मंजूर किया गया है।
सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य राजस्व यंत्रणा का विकेंद्रीकरण करके नागरिकों को अधिक गतिमान, आसान और असरदार सेवा उपलब्ध कराना है। इससे नागरिकों को अपने कामों के जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने इलाके में ही सारी सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि भिवंडी के सांसद सुरेश म्हात्रे आदिवासी बहुल शहापुर में अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय शुरू करने की मांग कर रहे थे।
ठाणे जिले के विभाजन की मांग
मुरबाड से भाजपा विधायक किसन कथोरे सहित अन्य पिछले काफी समय से ठाणे जिला का एक और विभाजन की मांग कर रहे हैं। गौरतलब हो कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले ठाणे जिले का विभाजन करके 1 अगस्त 2014 को पालघर को महाराष्ट्र का 36वां नया जिला बनाया गया था। जिले से एक बहुत बड़ा हिस्सा कटने के बावजूद ठाणे जिले में अभी भी 6 महानगरपालिका एवं कई नगरपरिषद व नगर पंचायत हैं।
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जिला का एक और विभाजन कर कल्याण को नया जिला मुख्यालय घोषित करने की मांग पिछले काफी समय से की जा रही है। पिछले दिनों राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ठाणे जिले के दौरे पर आये हुए थे। उस समय उन्होंने जिले में एक अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय एवं दो तहसीलदार कार्यालय शुरू करने की घोषणा की थी।
तेजी से हो रहा मुंबई महानगर क्षेत्र का विकास
मुंबई महानगर क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है। कल्याण-डोंबिवली सहित ठाणे जिले में तेजी से शहरीकरण और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के कारण, पिछले कुछ सालों में राजस्व विभाग पर काम का बोझ काफी अधिक बढ़ गया है। जमीन की खरीद-बिक्री, फेरफार, वारसा पंजीकरण, अलग-अलग सर्टिफिकेट, जमीन अधिग्रहण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं को लागू करने से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए राजस्व प्रशासन को और ज्यादा कुशल बनाने की जरूरत थी।
विशेष तौर पर कल्याण-डोंबिवली इलाके में बड़े पैमाने पर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक विस्तार और आबादी बढ़ने की वजह से राजस्व विभाग में आने वाले मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिसको देखते हुए कल्याण में एक अतिरिक्त जिलाधिकारी कर्यालय बनाया जाएगा और इसके अधिकार क्षेत्र में कल्याण, उल्हासनगर, अंबरनाथ और मुरबाड तालुका आएंगे।
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डीएम कार्यालय पर दबाव होगा कम
राज्य सरकार ने गतिमान निर्णय प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए राजस्व यंत्रणा की पुनर्रचना की है, जिसमें नए कार्यालयों की स्थापना के साथ-साथ कार्यक्षेत्रों का भी नए सिरे से विभाजन किया गया है। जिससे इस क्षेत्र में राजस्व कामकाज को स्वतंत्र प्रशासकीय ताकत मिलेगी, ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और निर्णयप्रक्रिया अधिक गतिमान होगी, जिससे नागरिकों के काम कम समय में पूरे होंगे।
शहापुर में मंजूर किया गया सब-डिविजनल ऑफिसर ऑफिस ठाणे जिले के ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाकों के लिए जरूरी है। यह कार्यालय शहापुर में राजस्व प्रशासन को और असरदार बनाने में मदद करेगा, जिसका भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है। शहापुर जैसे ग्रामीण इलाकों में प्रशासन को और ज्यादा असरदार बनाने की जरूरत थी।
