दूध मिलावट विवाद पर दिलीप वलसे पाटिल का विरोधियों पर पलटवार, आरोप साबित हुए तो राजनीति से ले लूंगा संन्यास
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Written By:
रूपम सिंह
Updated On: Aug 04, 2026 | 08:38 AM IST
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सार
Maharashtra Politics News: दूध मिलावट मामले में नाम घसीटे जाने पर पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि आरोप साबित होने पर वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे और झूठे दावों पर मानहानि का केस करेंगे।

दिलीप वलसे पाटिल (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra Politics Dilip Walse Patil Milk Controversy: एफडीए की ओर से दूध कारोबारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के आंबेगांव विधायक और पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दूध में मिलावट या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से उनका किसी भी प्रकार का संबंध साबित हो जाता है, तो वे बिना एक मिनट की देरी किए सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
वीडियो जारी कर दी सफाई
दिलीप वलसे पाटिल ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि आंबेगांव तहसील में एफडीए द्वारा दूध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक विरोधी बिना किसी आधार के उनका नाम इन मामलों से जोड़कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों से उनका कोई संबंध नहीं है, उन्हें जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
मिलावटखोरों को संरक्षण नहीं मिलेगा
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि दूध में मिलावट करने वाला कोई भी व्यक्ति, कंपनी या संस्था हो, उसे किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एफडीए और पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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हाई कोर्ट जाने की दी चेतावनी
वलसे पाटिल ने कहा कि उनके खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाकर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बदनामी बंद नहीं हुई, तो वे उच्च न्यायालय में आपराधिक कार्रवाई और मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह राजनीति की है तथा जनता, सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से राजनीतिक आरोपों की सच्चाई समझने की अपील की।
