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PMO का फर्जी अधिकारी बन AIIMS में VIP ट्रीटमेंट के लिए बनाया दबाव, CBI ने दर्ज किया केस

September 4, 2026

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने शुक्रवार को दिल्ली के एक रहने वाले शख्स के खिलाफ मामला दर्ज किया. उस पर आरोप है कि उसने खुद को प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) का अधिकारी बताकर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), नई दिल्ली में मरीजों को खास एडमिशन और इलाज दिलाने के लिए अपनी पहचान का इस्तेमाल किया. यह मामला 31 अगस्त को धोखाधड़ी, झूठे सबूत देने और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के नियमों के तहत दर्ज किया गया था.

CBI की SC-1, नई दिल्ली यूनिट ने 31 अगस्त 2026 को रवि कांत शर्मा, निवासी संगम विहार, दक्षिण दिल्ली के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपी पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारी के रूप में फर्जी पहचान बनाकर प्रभाव जमाने और कंप्यूटर संसाधन के जरिए धोखाधड़ी करने का आरोप है.

FIR में BNS की धारा 204, 319 और IT Act की धारा 66-D लगाई गई हैं. FIR के मुताबिक, 26 फरवरी को रवि कांत शर्मा ने WhatsApp के जरिए AIIMS के प्रोटोकॉल अधिकारी बीएन आचार्य से संपर्क किया और खुद को प्रधानमंत्री के OSD के रूप में पेश किया. उसने AIIMS अधिकारियों पर असर डालने के लिए PMO पोर्टल से जुड़ा एक ईमेल एड्रेस भी दिया.

PMO का ऑफिसर बताकर इलाज का प्रयास

उसने PMO का ई-मेल/पोर्टल विवरण इस्तेमाल करते हुए मुजफ्फरनगर निवासी मरीज मोहम्मद इमरान को AIIMS के इमरजेंसी विभाग में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती और इलाज दिलाने के लिए दबाव बनाया.

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अन्य मरीजों—कविता और अर्चना—के मामलों में भी इसी तरह अनधिकृत हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी. AIIMS की ओर से प्राथमिकता वाला व्यवहार इस धारणा पर किया गया कि आरोपी PMO का अधिकृत अधिकारी है.हालांकि PMO ने स्पष्ट किया कि रवि कांत शर्मा नाम का कोई व्यक्ति 9818797278 नंबर के साथ प्रधानमंत्री का OSD नहीं है. मामले की जांच CBI इंस्पेक्टर एमपी सिंह को सौंपी गई है.

CBI ने खोली पोल, FIR दर्ज

CBI की FIR में कहा गया, “इससे यह भी पता चला कि खास इलाज सिर्फ इस सोच के तहत दिया गया था कि संदिग्ध PMO का एक ऑथराइज्ड अधिकारी है.” इससे पहले 4 जून को, CBI ने एक व्यक्ति के खिलाफ PMO में अंडर सेक्रेटरी बनकर काम करने का मामला दर्ज किया था. आरोपी की पहचान पी. एलंगोवन के तौर पर हुई थी. एजेंसी ने 8 जनवरी को उसके खिलाफ शुरुआती जांच शुरू की थी.

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जितेन्द्र कुमार शर्मा

जितेन्द्र कुमार शर्मा

साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।

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