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PM नेतन्याहू और सेना प्रमुख के बीच सब ठीक है? टकराव की खबरों को IDF ने किया खारिज, कहा- केवल मिशन पर फोकस

October 27, 2026

Israel-Iran Tension: इजराइल में एक तरफ वोटिंग चल रही है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख इयाल जमीर के बीच टकराव की खबरें तेजी से चल रही हैं. रक्षा मंत्री ने इन खबरों को खारिज किया था. अब सेना की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

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Israel-Iran Tension: इजराइल में एक तरफ वोटिंग चल रही है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख इयाल जमीर के बीच टकराव की खबरें तेजी से चल रही हैं. रक्षा मंत्री ने इन खबरों को खारिज किया था. अब सेना की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

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Israel-Iran Tension: इजराइल में एक तरफ वोटिंग चल रही है तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख इयाल जमीर के बीच टकराव की खबरें तेजी से चल रही हैं. मतभेद की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि सेना प्रमुख कथित तौर पर जल्दबाजी में कार्रवाई के पक्ष में नहीं थे, जबकि नेतन्याहू पर राजनीतिक फायदे के लिए तनाव बढ़ाने के आरोप लग रहे हैं. हालांकि, इजराइली सेना और रक्षा मंत्री ने इन खबरों को खारिज किया था. अब सेना की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.   

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर के बीच ईरान को लेकर मतभेद होने की खबरों पर इजराइली सेना (IDF) ने प्रतिक्रिया दी है. सेना ने कहा है कि वह अपने मिशन पर ध्यान दे रही है और सभी मोर्चों पर अलर्ट है. सेना ने यह भी कहा कि उसके फैसले सुरक्षा और पेशेवर आकलन के आधार पर लिए जाते हैं. यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजराइल में चुनाव से ठीक पहले ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर विवाद की खबरें सामने आई हैं. हालांकि, सेना के बयान में दोनों के बीच कथित टकराव को सीधे तौर पर खारिज नहीं किया गया.

क्या है पूरा मामला?

इजराइली मीडिया चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने ईरान से जुड़ी एक सैन्य कार्रवाई के लिए निर्देश दिया था. हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्रवाई क्या थी. रिपोर्ट के अनुसार, सेना प्रमुख इयाल जमीर इस मामले में आगे बढ़ने से पहले विस्तृत चर्चा और कानूनी मंजूरी से जुड़े दस्तावेज चाहते थे.

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रिपोर्ट में अज्ञात सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि सेना के कुछ अधिकारियों को आशंका थी कि इस कार्रवाई से चुनाव से ठीक पहले ईरान के साथ तनाव बढ़ सकता है. आर्मी रेडियो ने भी दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से इसी तरह की जानकारी दी थी. हालांकि, इन खबरों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. नेतन्याहू ने भी दोनों के बीच टकराव की खबरों को बकवास बताया है.

रक्षा मंत्री बोले- ईरान पर हमले की योजना नहीं

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी नेतन्याहू और सेना प्रमुख के बीच मतभेद की खबरों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व और सेना के बीच ईरान के मुद्दे पर तालमेल बना हुआ है. काट्ज ने स्पष्ट किया कि इजराइल का अपने देश में चुनाव से पहले ईरान पर हमला शुरू करने का कोई इरादा नहीं था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान इजराइल पर हमला करता है, तो उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.

नेतन्याहू ने क्या कहा?

नेतन्याहू ने टीवी इंटरव्यू में अपने और सेना प्रमुख के बीच टकराव की खबरों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सेना और खुफिया एजेंसी मोसाद को ईरान की सरकार को सत्ता से हटाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चैनल 12 की रिपोर्ट में जिस सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया गया, उसका संबंध नेतन्याहू के इस निर्देश से था या नहीं.

विपक्षी नेता एविगडोर लिबरमैन ने अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखकर नेतन्याहू के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ईरान के साथ तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई की कोशिश देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है. वहीं, विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट ने भी इस मामले पर चिंता जताई. उन्होंने नेतन्याहू को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राजनीतिक हितों को प्राथमिकता नहीं देने की चेतावनी दी.  

चुनाव से पहले क्यों अहम है यह विवाद?

इजराइल में चुनाव से ठीक पहले ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सामने आई इन खबरों ने राजनीतिक बहस बढ़ा दी है. विपक्ष का आरोप है कि इस तरह के कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है, जबकि नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने इन आरोपों को गलत बताया है. फिलहाल, ईरान के खिलाफ किसी नई सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि चुनाव के बाद इजराइल का नेतृत्व ईरान के साथ अपने संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर क्या रुख अपनाता है.

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