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PM मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर हुई बात, प्रधानमंत्री ने खुद बताया- किन मुद्दों पर हुई चर्चा

September 30, 2026

PM Modi and Trump: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बुधवार देर शाम फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बात की. PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी.

PM Modi and Trump: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बुधवार देर शाम फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बात की. PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी.

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PM Modi Trump Talks: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बुधवार देर शाम फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने खुद एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी. गत जून में G-7 शिखर सम्मेलन में फ्रांस दोनों नेताओं की औपचारिक मुलाकात हुई थी. लगभग 45 मिनट तक द्विपक्षीय वार्ता की थी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार शाम को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई है, जबकि उनकी आखिरी आमने-सामने की द्विपक्षीय मुलाकात 17 जून 2026 को फ्रांस में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सार्थक बातचीत हुई. हमने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अहम टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में अपने आपसी सहयोग की समीक्षा की.

Had a productive conversation with President Trump. We reviewed our bilateral cooperation in trade, defence, energy, critical technologies and other areas. We agreed to maintain close engagement to take our Comprehensive Global Strategic Partnership forward.

We also exchanged…

— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2026

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई बात 

पीएम मोदी ने कहा कि हम अपनी 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए. पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि हमने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयास भी शामिल हैं.

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क्यों अहम है फोन कॉल?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की गई. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. इस दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों पर भी चर्चा हुई. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब टैरिफ और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दे वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लेकर यह संवाद अहम माना जा रहा है.

भारत की ट्रेड डील पर असर की आशंका

अमेरिका के नए फैसले से भारत के सामने व्यापार और ऊर्जा, दोनों मोर्चों पर नई चुनौती खड़ी हो सकती है. प्रस्तावित कानून के तहत रूस से कच्चा तेल या गैस खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है. साथ ही रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र तथा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाली संस्थाओं पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी. भारत और चीन रूसी तेल के बड़े खरीदार हैं, इसलिए इस कदम का असर दोनों देशों पर पड़ने की आशंका है. हालांकि, कानून में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है.

भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों और सस्ती आपूर्ति का हवाला देकर रूस से तेल खरीदने की नीति का बचाव करता रहा है. नई अमेरिकी पाबंदियों को लेकर भारत ने यह भी संकेत दिया है कि अतिरिक्त टैरिफ का असर दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर पड़ सकता है. वहीं, कानून में कुछ शर्तों के तहत रूसी गैस आयात पर शुल्क से छूट का प्रावधान भी रखा गया है. इसका लाभ उन देशों को मिल सकता है जो रूस से गैस का सीमित आयात करते हैं और इसे कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं.

ट्रेड डील पर भी बढ़ा दबाव

अमेरिकी टैरिफ में संभावित बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत अहम चरण में है. दोनों देश शुरुआती ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. इस समझौते में एक-दूसरे के सामान पर लगने वाली ड्यूटी कम करने या हटाने के साथ व्यापार बढ़ाने के उपाय शामिल हो सकते हैं. भारत अमेरिका से एनर्जी, कोयला और तकनीक से जुड़े उत्पादों की खरीद बढ़ाने में भी रुचि दिखा चुका है. ऐसे में रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिकी नीति और प्रस्तावित टैरिफ आगे होने वाली बातचीत की दिशा पर असर डालने वाला अहम मुद्दा बन गया है.

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