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PM शहबाज का इमरान समर्थकों को बातचीत का न्योता: सपोर्टर्स बोले-पूर्व पीएम की रिहाई की मांग से समझौता नहीं; लॉन्ग मार्च पेशावर से 30km दूर

October 7, 2026

PM शहबाज का इमरान समर्थकों को बातचीत का न्योता:सपोर्टर्स बोले-पूर्व पीएम की रिहाई की मांग से समझौता नहीं; लॉन्ग मार्च पेशावर से 30km दूर

3 घंटे पहलेलेखक: इस्लामाबाद से भास्कर रिपोर्टर यासिर आलम

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खैबर पख्तूनख्वा के CM सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में इमरान समर्थकों ने 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद मार्च शुरू किया। - Dainik Bhaskar

खैबर पख्तूनख्वा के CM सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में इमरान समर्थकों ने 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद मार्च शुरू किया।

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इमरान समर्थकों का लॉन्ग मार्च पेशावर से महज 30 किलोमीटर दूर पहुंच गया है। वे इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं और फिलहाल राजधानी से करीब 180 किलोमीटर दूर हैं।

मार्च को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को इमरान समर्थकों को बातचीत का न्योता दिया। शहबाज का यह रूख इसलिए अहम है, क्योंकि सोमवार को ही उनकी सरकार ने इमरान समर्थकों से बातचीत करने से इनकार किया था।

हालांकि, इमरान समर्थकों ने शहबाज के बातचीत के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि वे इमरान खान की रिहाई की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

इस्लामाबाद मार्च की 3 तस्वीरें…

लक्की मारवत में सड़क पर कई किलोमीटर तक सिर्फ लोगों की भीड़ नजर आई।

लक्की मारवत में सड़क पर कई किलोमीटर तक सिर्फ लोगों की भीड़ नजर आई।

हाथों में PTI के झंडे और इमरान के पोस्टर लेकर समर्थकों ने बस, ट्रक, कार, मोटरसाइकिल और रिक्शा से इस्लामाबाद की ओर कूच किया।

हाथों में PTI के झंडे और इमरान के पोस्टर लेकर समर्थकों ने बस, ट्रक, कार, मोटरसाइकिल और रिक्शा से इस्लामाबाद की ओर कूच किया।

लक्की मारवत में लॉन्ग मार्च शुरू होते ही लोगों ने सफेद कपड़े और PTI के झंडे लहराए।

लक्की मारवत में लॉन्ग मार्च शुरू होते ही लोगों ने सफेद कपड़े और PTI के झंडे लहराए।

शहबाज बोले- आर्थिक सुधार को नुकसान पहुंच सकता है

शहबाज शरीफ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे समय तक चलने वाला प्रदर्शन पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति सुधारने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पिछले ढाई साल से देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों को रोकने की कोई भी कोशिश राज्य से दुश्मनी के बराबर होगी।

शहबाज ने कहा,

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हम ऐसा नहीं होने देंगे। कानून अपना काम करेगा। लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और हम हर हाल में इसे सुनिश्चित करेंगे।

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मार्च और बढ़ा तो शहबाज की कुर्सी खतरे में आएगी

पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में रहे अविनाश मोहनानी ने कहा कि इमरान समर्थकों का लॉन्ग मार्च खैबर से पंजाब में पहुंचते ही शहबाज सरकार पर दबाव बढ़ाएगा। व्यापक समर्थन मिला तो आर्मी चीफ मुनीर के लिए भी इसे रोकना मुश्किल होगा।

इसी वजह से मार्च को रोकने की कोशिश तेज है। इमरान की लोकप्रियता अब भी कायम है और उनकी रिहाई की चाबी मुनीर के पास है।

वहीं, सीनियर फैलो और राजनीतिक विश्लेषक सुशांत सरीन के मुताबिक, आसिम मुनीर लॉन्ग मार्च के बहाने शहबाज शरीफ को घेर रहे हैं।

सरीन के मुताबिक, मुनीर ने पहले मार्च के रास्ते में खैबर में फ्रंटियर फोर्स तैनात की। इसके बाद मंगलवार को शहबाज से इमरान समर्थकों को बातचीत के लिए बुलाने को कहा।

उनका कहना है कि मुनीर शहबाज को कमजोर प्रधानमंत्री के तौर पर पेश करना चाहते हैं, जिससे लोगों का सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़े। पाकिस्तान की राजनीति के इतिहास को देखते हुए शहबाज का सत्ता से जाना तय माना जा रहा है।

इमरान 2023 से जेल में बंद, पत्नी-बहनें भी कैद हैं

73 साल के इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उन पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। तीन मामलों में सजा सुनाई गई है।

अल कादिर ट्रस्ट केस में 14 साल, दस्तावेज लीक में 10 साल और तोशाखाना केस में 3 साल की सजा है। तोशाखाना केस में इमरान की पत्नी बुशरा भी जेल में है।

सितंबर में इमरान की बहन अलीमा, उजमा और नूरीन को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया है।

18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को मेडिकल जांच और इलाज के लिए इस्लामाबाद के निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था।

20 अगस्त की रात उन्हें निजी अस्पताल की बजाय पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।

मार्च इस्लामाबाद से पहले रोकने की तैयारी

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घोषणा की कि मार्च जारी रहेगा। टैंक, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण वजीरिस्तान, उत्तर वजीरिस्तान, बन्नू और लक्की मारवत के समर्थक गांधी चौक से मार्च में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाली सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए हैं।

इस्लामाबाद में प्रदर्शन रोकने के लिए रास्ते पर शिपिंग कंटेनर रखे गए हैं।

इस्लामाबाद में प्रदर्शन रोकने के लिए रास्ते पर शिपिंग कंटेनर रखे गए हैं।

सरकार से दो दौर की बातचीत, पर सहमति नहीं बनी

सरकार और PTI के बीच शुक्रवार और शनिवार को दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी। PTI इमरान से तत्काल मुलाकात और उन्हें ऐसे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की, जहां उनके निजी डॉक्टर जांच और इलाज कर सकें। सरकार की ओर से प्रदर्शन रद्द करने की शर्त रखी गई थी।

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