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'PM पद न मिलने की हताशा', जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर हमला, संसद में 'इडियट' और 'अंधभक्त' बयान पर संग्राम

July 29, 2026

देश

  • Edited by: मोनू झा
  • Updated Jul 29, 2026, 04:07 PM IST

Lok Sabha: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणी पर सत्तापक्ष ने तीखा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के बयानों और आचरण पर सवाल उठाते हुए उन्हें संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की सलाह दी।

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लोकसभा में हंगामा

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ANI

Lok Sabha: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल काफी गरमा गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में 'स्टूडेंट', 'इडियट' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा देश के लोगों को इन श्रेणियों में बांटने और ऐसी शब्दावली के इस्तेमाल पर सत्तापक्ष ने कड़ा एतराज जताया। बीजेपी सांसदों ने इसे असंसदीय और देश के युवाओं का अपमान करार देते हुए सदन में जमकर हंगामा किया।

हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब एंटी-पेपर लीक जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हो रही है, तब सुझाव देने के बजाय राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा ऐसी भाषा का प्रयोग हैरान करने वाला है। जितेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी को संसदीय मर्यादाओं का रत्ती भर भी ज्ञान है? देश के भविष्य यानी युवाओं को 'इडियट' कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

21 जुलाई को राहुल गांधी ने पीएम आवास पर दिया धरना

कार्रवाई के दौरान पिछले घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि 21 जुलाई को राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास (7 एलकेएम) के बाहर जाकर बैठ गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद देश का प्रधानमंत्री बनने की उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी, जिससे निराश होकर वे वहां धरने पर बैठ गए। जब उनसे शिष्टाचार के साथ बात करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया अजीब था।

सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े गए-जितेंद्र सिंह

इसके अलावा, सुरक्षा बल की कार्रवाई पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री ने साफ किया कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई थी, केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। ऐसे में आदेश जारी करने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह अधिकार मजिस्ट्रेट का होता है, किसी मंत्री का नहीं। संसद में इस तीखी नोकझोंक ने यह साफ कर दिया कि युवाओं से जुड़े इस बिल पर दोनों पक्षों के बीच तल्खी चरम पर है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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