80th Independence Day: भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला परिसर में 13वीं बार लाल किले की प्रचीर से देश को संबोधित किया. इस बार के स्वतंत्रता दिवस के समारोह का मुख्य फोकस 'युवा शक्ति' पर रखा गया है. सरकार Gen Z की उपलब्धियों, योगदान और आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश देना चाहती है.
1 करोड़ युवाओं को दी जाएगी AI स्किल्स
लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की भी शुरुआत की जाएगी.
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पहली बार स्वतंत्रता दिवस के दिन गाया गया राष्ट्रगान
इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार ऐसा हुआ, जब लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया. यह भव्य आयोजन राष्ट्रगान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है. आज समारोह में लाल किले की प्राचीर से पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्टगान गया गया. ऐसा पहली बार था कि जब यह व्यवस्था अपनाई गई.
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छात्रों को किया जाएगा सम्मानित
केंद्र सरकार ने युवा उपलब्धियों को विशेष रूप से सम्मानित करने के लिए खास तौर पर योजना बनाई है. इसके अलावा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लाभार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, माय भारत स्वयंसेवक, पीएम कौशल विकास योजना के लाभार्थी, युवा इनोवेटर्स, और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से जुड़े उद्यमी भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे. साथ ही रसायन, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाएगा और लाल किले की प्राचीर पर बैठाया जाएगा.
Gen Z पर सरकार का फोकस
इस स्वतंत्रता दिवस के समारोह पर युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन छात्रों को भी आमंत्रित किया गया हैं, जिन्होंने प्रतियोगिताओं और विभिन्न क्विज में चयन हासिल किया. सरकार जेन जी को यह दिखाना चाहती है कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है. वहीं इस वर्ष सरकार ने जल सरंक्षण पर फोकस रखने के लिए बैठने के बाड़ों के नामों को भारत की प्रमुख झीलों पर रखा गया हैं. इससे पहले गणतंत्र दिवस पर बाड़ों के नाम नदियों पर रखे गए थे. तालिका ऑफ प्रीसीडेंस के अनुसार बैठने की व्यवस्था सख्ती से की जाएगी.
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80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवा शक्ति का इतना महत्व देना समय की मांग है, क्योंकि भारत की बड़ी आबादी का हिस्सा युवा है. वहीं, Gen Z, इनोवेशन, तकनीक और सामाजिक बदलाव का नेतृत्व कर रहा है. यह कार्यक्रम 'विकसित भारत @2047' की दिशा में हो रही प्रगति और 'सेवा तीर्थ' (सेवा की तीर्थयात्रा) के विचार को उजागर करेगा. 'गार्ड ऑफ ऑनर' वाले इलाके में न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और बड़े टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत की तरक्की को दिखाने वाली चीजें प्रदर्शित की जाएंगी. निमंत्रण पत्र में भी 'सेवा तीर्थ' को खास जगह दी गई है; यह जन-सेवा के लिए सरकार की संस्थागत सोच और विकसित भारत के उसके लक्ष्य को दिखाता है. 'सेवा तीर्थ' का ज़िक्र अहम है क्योंकि यह जन-सेवा को नए आयाम देने की सरकार की कोशिशों को दर्शाता है. युवाओं की उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ उनमें सेवा की भावना जगाने की भी कोशिशें की जा रही हैं. लाल किले से दिया गया संदेश युवाओं को प्रेरित करेगा और देश को तेजी से 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा. 15 अगस्त, 2026 का समारोह युवा ऊर्जा, देशभक्ति और प्रगति का संगम होगा.
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