
Google Pixel 11 ProImage Credit source: Google
गूगल पिक्सल 11 प्रो को कंपनी ने जेमिनी एआई को फोन का अहम हिस्सा बनाकर पेश किया है. कैमरा, सॉफ्टवेयर और बैटरी इसकी बड़ी खूबियां हैं, लेकिन हर मामले में यह फोन सबसे आगे नहीं है. टेंसर जी6 प्रोसेसर रोजमर्रा के काम और मल्टीटास्किंग में अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन भारी गेमिंग में इसकी सीमाएं सामने आती हैं. वहीं 1,19,999 रुपये की शुरुआती कीमत इसे सीधे सैमसंग और एपल के महंगे फ्लैगशिप फोन के सामने खड़ा करती है. चलिए इसका रिव्यू देखते हैं.
डिजाइन और डिस्प्ले में क्या मिला?
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिक्सल 11 प्रो का डिजाइन अब भी इसकी अलग पहचान बनाता है. पांच साल पुराने कैमरा बार डिजाइन को थोड़ा बदला गया है और अब यह पीछे की तरफ फ्लोटिंग जैसा नजर आता है. मैट ग्लास बैक और 6.3 इंच का कॉम्पैक्ट आकार फोन को इस्तेमाल करने में आसान बनाता है, हालांकि 204 ग्राम वजन इसे हल्का नहीं कहा जा सकता. आगे 1280×2856 रिजॉल्यूशन वाला सुपर एक्टुआ एलटीपीओ ओएलईडी डिस्प्ले है, जो 1 से 120Hz तक डायनामिक रिफ्रेश रेट और एचडीआर में 3,600 निट्स तक ब्राइटनेस देता है. डिस्प्ले तेज धूप में भी साफ दिखता है. अंडर-डिस्प्ले अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर अच्छा है, लेकिन कम रोशनी में फेस अनलॉक उतना भरोसेमंद नहीं है.
टेंसर जी6: रोजमर्रा में अच्छा, गेमिंग में कमजोर
पिक्सल 11 प्रो में 2nm टीएसएमसी निर्मित टेंसर जी6 चिपसेट दिया गया है, जिसे खास तौर पर एआई प्रोसेसिंग और बेहतर थर्मल एफिशिएंसी के लिए तैयार किया गया है. सामान्य इस्तेमाल, सोशल मीडिया, ऑफिस के काम, मल्टीटास्किंग और हल्के वीडियो एडिटिंग में फोन ने अच्छा प्रदर्शन किया. लेकिन भारी गेमिंग में तस्वीर उतनी अच्छी नहीं है. जेनशिन इम्पैक्ट और कारएक्स स्ट्रीट रेसिंग जैसे गेम कुछ समय बाद प्रोसेसर पर दबाव डालते हैं. इसका जीपीयू क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 से कमजोर है. इसलिए करीब 1.20 लाख रुपये खर्च करने वाले गेमर्स के लिए यह सबसे मजबूत विकल्प नहीं है.
जेमिनी एआई कितना काम का?
पिक्सल 11 प्रो की सबसे बड़ी खासियत जेमिनी एआई है, जिसे कैमरा, ऐप मेन्यू, कॉलिंग और कई दूसरे हिस्सों में जोड़ा गया है. कॉल असिस्ट अनजान कॉल करने वालों की पहचान का अनुमान लगाता है और एआई आवाज के जरिए टेलीमार्केटिंग कॉल संभालने में मदद करता है. नोटिफिकेशन में एआई सारांश, रैमबल से बोलकर मैसेज लिखना, जेमिनी से संदर्भ के हिसाब से जानकारी लेना और मैजिक एडिटर जैसे फीचर वास्तव में उपयोगी लगते हैं. लेकिन हर एआई फीचर काम का नहीं है. एआई वॉलपेपर और इमेज बनाने वाले फीचर ज्यादा उपयोगी नहीं लगे. हाईलाइट भी निराश करता है, क्योंकि इसकी एलईडी का इस्तेमाल सीमित रखा गया है.
कैमरा इसकी सबसे बड़ी ताकत, लेकिन कमियां भी हैं
पिक्सल 11 प्रो का कैमरा पिछली जनरेशन की तुलना में बेहतर हुआ है. रंगों की सटीकता, त्वचा के रंग और कम रोशनी में तस्वीरों की क्षमता मजबूत है और भारतीय त्वचा के रंगों को भी पहले से ज्यादा वास्तविक तरीके से दिखाया गया है. हालांकि कम रोशनी में एक्सपोजर अब भी परेशानी पैदा करता है. इंस्टेंट नाइट साइट तेजी से रात की तस्वीर लेने में मदद करता है, लेकिन सामान्य नाइट साइट ज्यादा बेहतर शार्पनेस और एक्सपोजर देता है. नया 48 मेगापिक्सल सेंसर और 5x ऑप्टिकल टेलीफोटो कैमरा जूम में शानदार रिजल्ट देते हैं. 130x तक प्रो रेस जूम में एआई खोई हुई डिटेल भरता है, लेकिन कई बार तस्वीर में असली और एआई से बनाई गई डिटेल के बीच अंतर समझना मुश्किल हो सकता है.
बैटरी और चार्जिंग में स्थिति कैसी है?
पिक्सल 11 प्रो में 4,850mAh की बैटरी दी गई है, जो टेंसर जी6 और सॉफ्टवेयर के साथ आम इस्तेमाल में पूरा दिन चल जाती है. टेस्टिंग के दौरान हे गूगल वेक वर्ड और ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले बंद रखे गए थे, इसलिए अलग इस्तेमाल में बैटरी का प्रदर्शन बदल सकता है. पीडी चार्जर से फोन 30 मिनट में 55 प्रतिशत तक चार्ज हुआ और 30 प्रतिशत से पूरा चार्ज होने में करीब 50 मिनट लगे. 25W पिक्सलस्नैप वायरलेस चार्जिंग भी दी गई है. बैटरी खराब नहीं है, लेकिन चार्जिंग स्पीड के मामले में यह फोन अपने सेगमेंट में कोई बड़ा कमाल नहीं दिखाता.
1.20 लाख रुपये में कितना सही है?
भारत में पिक्सल 11 प्रो के 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,19,999 रुपये है, जबकि 16GB रैम और 512GB स्टोरेज वाला मॉडल 1,34,999 रुपये में आता है. इस कीमत पर इसका मुकाबला सैमसंग गैलेक्सी एस26 अल्ट्रा और एपल आईफोन 17 प्रो से होता है. गैलेक्सी एस26 अल्ट्रा में बड़ा 6.9 इंच डायनामिक एमोलेड डिस्प्ले, 200 मेगापिक्सल मुख्य कैमरा, 45W चार्जिंग और स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 मिलता है. वहीं आईफोन 17 प्रो वीडियो रिकॉर्डिंग और आईओएस अनुभव में मजबूत है. पिक्सल 11 प्रो की असली वजह इसका एआई और कैमरा अनुभव है, लेकिन गेमिंग और कुछ एआई फीचर्स की कमजोरियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
क्या खरीदना चाहिए या नहीं?
पिक्सल 11 प्रो ऐसा फोन नहीं है जिसे हर मामले में सबसे बेहतर कहा जा सके. इसका कैमरा मजबूत है, सॉफ्टवेयर क्लीन है और जेमिनी एआई पहली बार फोन खरीदने की एक ठोस वजह जैसा महसूस होता है. लेकिन टेंसर जी6 और उसका कमजोर जीपीयू सवाल खड़ा करते हैं. कुछ एआई फीचर सिर्फ दिखावे जैसे लगते हैं और हाईलाइट का इस्तेमाल भी उम्मीद के मुताबिक उपयोगी नहीं है. 1,19,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर यह फोन उन लोगों के लिए ज्यादा सही है जो कैमरा, सॉफ्टवेयर और एआई फीचर्स को प्राथमिकता देते हैं. अगर प्राथमिकता गेमिंग या प्रोसेसिंग पावर है, तो इस कीमत पर दूसरे फ्लैगशिप ज्यादा मजबूत साबित हो सकते हैं.

विशाल मैथिल
भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्सप्लेनर, डाटा स्टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.
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