लखनऊ यूनिवर्सिटी (LU) ने रिसर्चर्स और टीचर्स से जुड़े कई जरूरी फैसले लिए हैं. विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने पीएचडी शोध प्रबंधों (PhD dissertations) की पहचान आसान बनाने के लिए अलग-अलग फैकल्टी के अनुसार थीसिस की बाइंडिंग का कलर तय करने को मंजूरी दी है. इसके साथ ही सरकारी और सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के टीचर्स को पार्ट टाइम PhD स्टूडेंट्स को मार्गदर्शन करने की अनुमति दी गई है. रेगुलर PhD को पार्ट टाइम में बदलने की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है. बैठक में PhD एडमिशन में रिजर्वशन, फैकल्टी ऑफ लॉ में नए शिक्षण पदों और विश्वविद्यालय के खेल परिसर के नामकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए.
लखनऊ विश्वविद्यालय में गुरुवार को कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक हुई. यह बैठक प्रशासनिक भवन स्थित मंथन कक्ष में आयोजित की गई. इसमें रिसर्च वर्क के डॉक्यूमेंटेशन को व्यवस्थित बनाने के लिए PhD शोध प्रबंधों की बाइंडिंग के लिए फैकल्टी के अनुसार तीन रंग तय किए गए.
PhD थीसिस के लिए तीन रंग निर्धारित
- नीला रंग: मैनेजमेंट, कॉमर्स, एजुकेशन, साइंस और इंजीनियरिंग फैकल्टी के शोध प्रबंध नीले रंग में होंगे.
- मैरून रंग: आर्ट, फाइन आर्ट, लॉ और अभिनवगुप्त संस्थान के शोध प्रबंधों के लिए मैरून रंग निर्धारित किया गया है.
- फॉरेस्ट ग्रीन: कृषि, योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा, आयुर्वेद और यूनानी फैकल्टी के शोध प्रबंध इस रंग में तैयार होंगे.
- इस पहल का मकसद शोध प्रबंधों की पहचान करने और उनसे जुड़े दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सरल बनाना है.
पार्ट टाइम PhD के लिए कॉलेज टीचर कर सकेंगे मार्गदर्शन
कार्य परिषद ने सरकारी और सहायता प्राप्त संबद्ध डिग्री कॉलेजों के टीचर्स को पार्ट टाइम PhD स्टूडेंट्स का सुपरवाइजर बनने की अनुमति दे दी है. इससे रिसर्चर्स को मार्गदर्शन के ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है.
रेगुलर से पार्ट टाइम PhD में बदलाव के लिए SOP
विश्वविद्यालय ने रेगुलर PhD को पार्ट टाइम में बदलने के लिए पांच चरणों वाली मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को मंजूरी दी है. इसके तहत संबंधित विभागाध्यक्ष को आवेदन देना होगा. इसके बाद विभागीय शोध समिति की संस्तुति, कुलपति की स्वीकृति, कुलसचिव की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और निर्धारित फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
PhD प्रवेश में पांच प्रतिशत आरक्षण
कॉलेज शिक्षक संघ की मांग पर संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के पाल्यों को PhD प्रवेश में पांच प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली. यह प्रक्रिया स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनाई जाने वाली व्यवस्था के समान होगी. अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) अध्यादेश को राजभवन से औपचारिक मंजूरी मिलने की जानकारी भी दी गई.
खेल परिसर और LLB प्रोग्राम पर फैसले
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव के अनुसार, नवनिर्मित खेल परिसर का नाम पूर्व कुलपति प्रो. डीपी सिंह के नाम पर प्रो. डीपी सिंह क्रीड़ा भवन रखा जाएगा. इसके अलावा पांच वर्षीय LLB प्रोग्राम के लिए 17 नए सेल्फ फाइनेंस्ड शिक्षण पदों को मंजूरी दी गई है. इन पदों से लॉ फैकल्टी में शिक्षण कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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