शिक्षक दिवस के मौके पर गोरखपुर के उरुवा ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय लोहरा मीरा में पीडीए पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें पढ़ाई से जुड़ी जरूरी सामग्री भी दी गई।
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कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। बच्चों की सबसे बड़ी मांग बंद पड़े विद्यालयों को दोबारा खोलने की रही। बच्चों ने कहा कि स्कूल बंद होने के कारण उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। बच्चों ने मुख्यमंत्री से अपने बंद पड़े स्कूल को दोबारा खुलवाने की अपील की।

शिक्षक दिवस पर सपा ने पीडीएफ़ पाठशाला का आयोजन किया
अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित हुई पाठशाला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित पीडीए पाठशाला का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम ने किया। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पढ़ाया।
इस दौरान बच्चों को कॉपी और पेन भी बांटे गए। पाठशाला का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के साथ ही उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करना बताया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया। बच्चों ने बताई पढ़ाई की परेशानी पाठशाला के दौरान बच्चों से बातचीत में उनकी कई परेशानियां सामने आईं। बच्चों ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण उन्हें पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। छोटे बच्चों के लिए रोजाना दूर जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं है।

इसी दौरान बच्चों ने अपनी मासूम आवाज में स्कूल दोबारा खुलवाने की मांग रखी। उनका कहना था कि अगर उनका अपना स्कूल ही बंद है तो वे पढ़ाई कहां करें। बच्चों की इस मांग ने सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। सपा जिलाध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना कार्यक्रम में सपा जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालय बंद किए गए हैं। उनका कहना था कि सरकारी स्कूल बंद होने का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बंद होने के बाद अभिभावकों के सामने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की मजबूरी बढ़ जाती है। निजी स्कूलों की फीस का बोझ उठाना हर परिवार के लिए आसान नहीं है। बोले- शिक्षा के बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं बृजेश गौतम ने प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पर्याप्त काम करने के बजाय विद्यालयों को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ स्कूल बंद हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने और वहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। 2027 में सरकार बनने पर स्कूल खोलने का दावा सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद पड़े विद्यालयों को दोबारा खोलने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की भी बात कही, ताकि गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए निजी स्कूलों पर निर्भर न रहना पड़े। मिड-डे मील में बदलाव का भी दावा बृजेश गौतम ने मिड-डे मील योजना को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बच्चों के भोजन में दूध की व्यवस्था की जाएगी और रोटी पर घी देने की व्यवस्था भी की जाएगी। उनका कहना था कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पढ़ाई के साथ-साथ पौष्टिक भोजन भी जरूरी है। कॉपी-पेन देकर पढ़ाई के लिए किया प्रोत्साहित शिक्षक दिवस पर आयोजित इस पीडीए पाठशाला में बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें कॉपी और पेन भी दिए गए। पार्टी नेताओं ने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी भी दिखाई दी। हालांकि, इसी बीच बच्चों की स्कूल खोलने की मांग ने कार्यक्रम को एक अलग संदेश दिया। बच्चों की गुहार थी कि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े और उनका अपना स्कूल फिर से शुरू किया जाए।