पंजाब की राजनीति और हाई-प्रोफाइल शादियों के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के एक बड़े पदाधिकारी और स्थानीय नेता के साथ शादी के नाम पर ऐसा भयंकर धोखा हुआ है, जिसकी कल्पना शायद उन्होंने कभी सपने में भी नहीं की होगी। फतेहगढ़ साहिब से आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव, जिला परिषद सदस्य और सिरहिंद मार्केट कमेटी के चेयरमैन अमरिंदर सिंह मंदोफाल (Amarinder Singh Mandofal) के साथ एक महिला ने खुद को पंजाब सिविल सर्विसेज (PCS) की तेज-तर्रार अधिकारी बताकर धूमधाम से शादी रचाई। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों के भीतर उस तथाकथित दुल्हन की असलियत ऐसी खुली कि नेताजी के पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला न केवल फर्जी अधिकारी निकली, बल्कि वह अपने साथ घर में रखे लाखों के जेवरात और नकदी समेटकर फरार हो गई। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के सामने आने के बाद से पंजाब के राजनीतिक हलकों में भूचाल आ गया है और पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। आइए इस विशेष रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि इस शातिर ठगी की पूरी दास्तान क्या है और कैसे इस जालसाजी को अंजाम दिया गया।
भव्य तरीके से हुई थी शादी, जिसमें शामिल हुए थे राज्य के कई दिग्गज मंत्री और नेता
इस पूरी ठगी की पटकथा कितने शातिर तरीके से लिखी गई थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसी साल फरवरी के महीने में अमरिंदर सिंह मंदोफाल और उस महिला का विवाह बेहद धूमधाम और शाही अंदाज में संपन्न हुआ था। इस हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज नेता, पंजाब विधानसभा के माननीय स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध सहित कई बड़े सियासी चेहरे वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। उस समय किसी को यह दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि जिस महिला को प्रशासनिक अधिकारी समझकर इतनी शान से अपनाया जा रहा है, वह असल में एक बड़ी ठग है। शादी के कुछ हफ्तों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन धीरे-धीरे महिला के हाव-भाव और उसकी बातों में विरोधाभास दिखने लगा, जिससे आप नेता के मन में शक की सुई घूमने लगी।
पीसीएस अफसर का फर्जी रुतबा, छिपाई गई पहली शादी और उम्र का बड़ा खेल
जब पीड़ित आप नेता अमरिंदर सिंह ने अपनी पत्नी की पृष्ठभूमि और उसकी सरकारी नौकरी की पड़ताल करनी शुरू की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले राज बाहर आने लगे। जांच में पता चला कि महिला न तो कोई पीसीएस अधिकारी है और न ही उसका प्रशासनिक महकमे से दूर-दूर तक कोई वास्ता है। इसके अलावा, उसने अपनी पहली शादी की बात को पूरी तरह से छिपाया था। असलियत यह सामने आई कि महिला न केवल पहले से तलाकशुदा थी, बल्कि उसका लगभग 18 साल का एक बेटा भी है। अपनी असली उम्र और पहचान को छुपाने के लिए उसने अपने 10वीं के सर्टिफिकेट, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में फर्जी तरीके से फेरबदल करवाया था, ताकि वह खुद को काफी कम उम्र की और कुंवारी साबित कर सके। जब पति ने इस भारी धोखाधड़ी पर सवाल उठाए और दस्तावेजों की मांग की, तो मामला और ज्यादा बिगड़ गया।
14 तोले सोना और 1 लाख नकद लेकर रातों-रात हुई चंपत, परिवार पर FIR दर्ज
पीड़ित आप नेता ने पुलिस को दी गई अपनी आधिकारिक शिकायत में यह आरोप लगाया है कि जब उसे इस सारे फरेब की भनक लगी और उसने कड़ा रुख अपनाया, तो वह महिला गत 27 अगस्त को अपने ससुराल से रहस्यमय तरीके से निकल गई। जाते-जाते वह अपने साथ घर में रखे करीब 14 तोले सोने के कीमती गहने, 1 लाख रुपये नकद और अन्य बहुमूल्य सामान चुराकर ले गई। इतना ही नहीं, इसके बाद आरोपी पक्ष की तरफ से झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां भी मिलने लगीं। इन तमाम गंभीर शिकायतों के आधार पर फतेहगढ़ साहिब पुलिस थाने में मुख्य आरोपी महिला मनविंदर कौर सहित उसके भाई, मां, भाभी और एक पूर्व सरपंच समेत कुल छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट और फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने वाले अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
राजनीति और समाज के लिए एक बड़ा सबक बना यह हैरान करने वाला मामला
यह घटना इस बात का एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे आज के समय में लोग अपनी पहचान छिपाकर और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर शातिर तरीके से बड़े-बड़े लोगों को भी अपने जाल में फंसा लेते हैं। एक सत्ताधारी दल के जिम्मेदार पद पर बैठे नेता के साथ इस तरह की ठगी होना यह बताता है कि वैवाहिक रिश्तों में अब कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है। पुलिस और कानून के हाथ कितने लंबे हैं, यह तो जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल वेडिंग फ्रॉड ने पंजाब की राजनीति में चर्चा का एक नया बाजार जरूर गर्म कर दिया है। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक अब बस इसी बात की चर्चा है कि कैसे एक शातिर महिला ने प्रशासनिक ओहदे का झूठा रौब दिखाकर महीनों तक सबको चकमा दिए रखा।