
हरी जर्सी छोड़ गुलाबी रंग में नजर आई पाकिस्तानी टीमImage Credit source: Screenshot
हर क्रिकेट टीम की अपनी एक पहचान होती है. ये पहचान सिर्फ टीम के नाम या इसके खिलाड़ियों से ही नहीं, बल्कि उसके रंग से भी होती. रंग यानि कपड़ों का रंग, जिन्हें पहनकर वो टीम वनडे या टी20 क्रिकेट खेलने के लिए मैदान पर उतरती है. सालों से हर क्रिकेट टीम की पहचान एक खास रंग से होती रही है. मगर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में पाकिस्तानी टीम ने अपनी इस पहचान को बदल दिया. हमेशा ही हरे रंग की जर्सी पहनने वाली पाकिस्तानी टीम पहली बार गुलाबी रंग में नजर आई. मगर इसकी वजह क्या थी?
क्या है पाकिस्तान की पिंक जर्सी का राज?
रविवार 25 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे ट्राई सीरीज के इस मैच में पाकिस्तान के खिलाड़ी पिंक जर्सी में नजर आए. यहां तक कि मैच में डेब्यू कर रहे रेजाउल्लाह को भी हरी के बजाए गुलाबी रंग की कैप दी गई. मगर इस बदलाव की वजह भी बहुत खास और काबिले-तारीफ थी. असल में यह खास जर्सी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) को लेकर जागरूकता बढ़ाने और जल्द जांच कराने का संदेश देने के उद्देश्य से पहनी गई थी.
यह पहल अक्टूबर में की जा रही है, जिसे दुनिया भर में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता महीने के रूप में मनाया जाता है. PCB ने पिंक रिबन ब्रेस्ट कैंसर ट्रस्ट हॉस्पिटल के साथ मिलकर जागरूकता फैलाने और इलाज की जरूरत वाले मरीजों का समर्थन करने के लिए हाथ मिलाया है. इस दौरान इंग्लैंड के खिलाड़ी, मैच अधिकारी और कमेंटेटर भी अपना समर्थन दिखाने के लिए गुलाबी रिबन अपने जर्सी में लगाकर उतरे.
गुलाबी रंग में रंगा मैच
इतना ही नहीं, इस मैच के लिए खास गुलाबी रंग के स्टंप भी तैयार किए गए, जबकि गद्दाफी स्टेडियम की स्क्रीन और बाउंड्री में लगे एडवर्टाइजमेंट बोर्ड पर इस कैंसर जागरूकता से जुड़े संदेश दिखे. पाकिस्तानी बोर्ड ने 24 से 26 अक्टूबर तक फैंस के लिए मुफ्त स्तन कैंसर जांच की भी व्यवस्था की है, जो पिंक रिबन ब्रेस्ट कैंसर ट्रस्ट हॉस्पिटल के साथ साझेदारी में हो रही है. पाकिस्तान के अलावा क्रिकेट साउथ अफ्रीका भी अपने देश में पिछले कुछ सालों से ये मुहिम चला रहा है, जहां हर साल एक वनडे या टी20 मैच में साउथ अफ्रीकी टीम हरे की जगह गुलाबी जर्सी पहनकर उतरती है.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
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