नागद्वारी मेले से पहले नर्मदापुरम के पचमढ़ी क्षेत्र में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 450 किलो महुआ लाहन और 70 लीटर कच्ची शराब जब्त की। इस दौरान आबकारी अधिनियम के तहत छह मामले दर्ज किए गए।
नागद्वारी मेले से पहले आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
- Published: 31 Jul 2026, 03:58 PM IST
- Last Updated: 31 Jul 2026, 03:58 PM IST
नर्मदापुरम: प्रसिद्ध नागद्वारी मेले से पहले नर्मदापुरम जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पचमढ़ी के दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में की गई सघन कार्रवाई के दौरान विभाग ने 450 किलोग्राम महुआ लाहन और 70 लीटर हाथ भट्टी (कच्ची) शराब जब्त की है। इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत छह प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
कई संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ दबिश
यह कार्रवाई नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन में की गई। आबकारी उपनिरीक्षक हितेश कुमार बिशोरिया के नेतृत्व में पिपरिया आबकारी टीम ने पचमढ़ी के कई संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का अभियान चलाया।

अभियान के दौरान नालंदा टोला, बड़ा महादेव क्षेत्र, हीवर, डीपी प्वाइंट से चौरागढ़ मंदिर मार्ग, पहली पायरी, डापका, नादिया जंक्शन, जलगली और नागफनी प्वाइंट सहित कई स्थानों पर सघन जांच की गई। इन इलाकों में अवैध शराब बनाने और उसके परिवहन की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखी गई।
70 लीटर कच्ची शराब जब्त
कार्रवाई के दौरान 450 किलोग्राम महुआ लाहन और 70 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 59 हजार रुपये बताई गई है। विभाग ने जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि

नागद्वारी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पचमढ़ी पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान अवैध शराब के निर्माण, विक्रय और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आगे भी लगातार सघन चेकिंग और दबिश की कार्रवाई जारी रहेगी।
आबकारी विभाग की लोगों से अपील
इस अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी अभिलाष पाठक, अशोक माहोरे, आबकारी उपनिरीक्षक के.के. पड़रिया, रघुवीर निमोदा तथा आबकारी आरक्षक धर्मेंद्र बारंगे, गणपति बोबड़े, योगेंद्र सिंह, सत्येंद्र, सारिका रघुवंशी, भावना यादव और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आबकारी विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या परिवहन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रिपोर्टर: मोहम्मद सादिक अली