
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए नागालैंड से मददImage Credit source: Pixabay
दिल्ली में इस साल कथित नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है. हजारों छात्र शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और एग्जाम प्रोसेस को ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस आंदोलन में देश के अलग-अलग राज्यों से छात्र शामिल हो रहे हैं, लेकिन एक ऐसा बंदा भी है, जो दिल्ली से करीब 2,000 किलोमीटर दूर नागालैंड में बैठा था. वह प्रदर्शन में शामिल तो नहीं हो सका, लेकिन उसने ऐसा कदम उठाया जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया.
नागालैंड के रहने वाले डिएलही डिएनु ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि वह खुद दिल्ली नहीं पहुंच पाने की वजह से काफी भावुक था. उसे लग रहा था कि जब हजारों छात्र अपने भविष्य के लिए सड़कों पर बैठे हैं, तब वह घर पर आराम से खाना कैसे खा सकता है. इसी सोच ने उसे कुछ अलग करने की प्रेरणा दी. उसने तय किया कि अगर वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकता, तो कम से कम वहां मौजूद छात्रों के लिए खाने का इंतजाम जरूर करेगा. इसके बाद उसने डोमिनोज़ से एक साथ 150 फार्महाउस चीज़ बर्स्ट पिज्जा ऑर्डर कर दिए. इन पिज्जा की कुल कीमत 64,650 रुपये थी. टैक्स, रेस्तरां शुल्क और डिलीवरी चार्ज जोड़ने के बाद बिल 67,734 रुपये तक पहुंच गया.
वायरल हुई बंदे की कहानी?
डिएलही ने बताया कि उसने यह ऑर्डर 22 जुलाई की शाम करीब साढ़े चार बजे दिया था. सबसे खास बात यह थी कि उसने डिलीवरी पार्टनर को किसी एक व्यक्ति का नाम या नंबर नहीं दिया. उसने सिर्फ इतना कहा कि भीड़ के बीच जाएं और उन लोगों को खाना दें, जिन्होंने अब तक कुछ नहीं खाया है. अपनी पोस्ट में उसने लिखा कि उस रात वह खुद अपना खाना भी चैन से नहीं खा पा रहा था. उसके मन में बार-बार यही बात आ रही थी कि दिल्ली में उसके जैसे हजारों छात्र अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर भूखे-प्यासे बैठे हैं. ऐसे में उसे लगा कि उनकी थोड़ी-सी मदद करना उसका भी फर्ज है.
उसने आगे लिखा कि मैं नागालैंड में बैठा हूं, लेकिन मेरा मन जंतर-मंतर में मौजूद उन सभी छात्रों के साथ है. वे अपने घरों से दूर हैं और एक बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं. मैं उनके बीच नहीं पहुंच सका, इसलिए मैंने यही सोचा कि कम से कम उनके लिए खाना भेज दूं.” डिएलही ने अपनी पोस्ट में ऑर्डर की रसीद के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिससे साफ पता चलता है कि उसने बड़ी संख्या में पिज्जा मंगवाए थे. उसने यह भी बताया कि जब डिलीवरी एजेंट ने फोन करके पूछा कि खाना किसे देना है, तो उसने जवाब दिया कि जिस किसी ने खाना नहीं खाया हो, उसे दे दीजिए.”
उसने लिखा कि उसके जवाब के बाद कुछ पल के लिए दूसरी तरफ सन्नाटा छा गया. फिर डिलीवरी पार्टनर की आवाज भर्रा गई और उसने कहा कि सर, उन लोगों के लिए तो आप भगवान जैसे हैं. डिएलही ने बताया कि यह सुनकर वह खुद भी भावुक हो गया. उसने लिखा कि उसे नहीं पता कि डिलीवरी करने वाले व्यक्ति की अपनी क्या कहानी रही होगी. शायद उसके घर में भी पढ़ाई करने वाले भाई-बहन हों, शायद उसके बच्चे हों या फिर वह खुद छात्रों की परेशानियों को समझता हो.
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जैसे ही यह पोस्ट इंस्टाग्राम पर सामने आई, देखते ही देखते वायरल हो गई. हजारों लोगों ने इसे लाइक किया और कमेंट सेक्शन में डिएलही की तारीफ की. कई यूजर्स ने कहा कि आज के समय में ऐसे लोगों की समाज को सबसे ज्यादा जरूरत है, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों के बारे में सोचते हैं.
यहां देखिए पोस्ट

आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.<p></p> अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. <p></p>फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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