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हाथ में खाली थाली लेकर निकले NSUI के कार्यकर्ता: MBBS नीट-यूजी की मेरिट सूची में दस्तावेजों की जांच की मांग, कहा- आगे आंदोलन भी करेंगे - Chhattisgarh News

August 25, 2026

एमबीबीएस नीट-यूजी 2026 की मेरिट सूची में फर्जी या संदिग्ध डोमिसाइल, जाति और श्रेणी प्रमाण-पत्रों के इस्तेमाल के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्र एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मार्च निकाला।

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अंबेडकर चौक से स्वास्थ्य मंत्री के निवास तक निकाले गए मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में खाली थाली लेकर योग्य और छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। मार्च के बाद एनएसयूआई ने शासन के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

इसमें एमबीबीएस नीट-यूजी 2026 की पूरी मेरिट सूची की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, डोमिसाइल, जाति और श्रेणी प्रमाण-पत्रों का कठोर सत्यापन करने तथा संदिग्ध दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई।

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अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए, संगठन के लोगों ने क्या कहा

NSUI संगठन प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि योग्य विद्यार्थियों के अधिकार, पारदर्शी व्यवस्था और छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हक के लिए है। विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष, रायपुर उत्तर अनुज शुक्ला ने कहा कि मेरिट सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ मिला है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर योग्य विद्यार्थियों के साथ न्याय किया जाना चाहिए।

PTRSU अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने कहा कि जांच में यदि किसी अभ्यर्थी के दस्तावेज फर्जी या गलत पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, ऐसी किसी भी अनियमितता से प्रभावित योग्य और छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्यार्थियों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की गई है।

वहीं NSUI की रीत आहूजा ने जांच के बाद आवश्यकता होने पर संशोधित मेरिट सूची जारी करने की भी मांग की। इसके साथ ही कहा- मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन निष्पक्ष तरीके से होना जरूरी है।

विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता नहीं

एनएसयूआई की ओर से कहा गया कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। मांग सिर्फ इतनी है कि मेरिट सूची और प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और नियमों के अनुसार योग्य विद्यार्थियों को उनका अधिकार मिले।

विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष पुनेश्वर लहरें, जिला महासचिव गावेश साहू, अंकित बंजारे, रीत आहूजा, शेख अरसलन, इंडिया घृतलहरे, आलोक खरे, मनीष साहू, रितिक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।