Published: Friday, September 4, 2026, 20:39 [IST]
Swatantra Bhardwaj Detained: छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार (4 सितंबर) को बड़ी कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से भारद्वाज को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस की यह कार्रवाई उस आश्वासन के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों को आरोपी के खिलाफ 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। भारद्वाज खुद को सोशल मीडिया पर 'कट्टर हिंदू' बताता रहा है।
Nishu Azad Father Assault Case: वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब एक इंटरव्यू की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि उसने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला किया था। वीडियो में उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसने उन्हें इतनी बुरी तरह पीटा कि उनकी खोपड़ी तक फोड़ दी थी। वीडियो सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और शुक्रवार को बुलंदशहर में उसे हिरासत में लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से पहले भारद्वाज बुलेट मोटरसाइकिल से नैथला गांव से खुर्जा की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, उसने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उसकी पहचान छिपी रह सके।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शनकारी दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर भी जुटे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि वायरल वीडियो में किए गए कथित दावों की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसी दौरान पुलिस की ओर से 72 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद ही स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
चिराग पासवान ने कहा- मेरे नाम का गलत इस्तेमाल हुआ
मामले में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल वीडियो में कई राजनेताओं के नाम के साथ उनके नाम का भी गलत इस्तेमाल किया और अपने कथित राजनीतिक संबंधों का हवाला दिया।
पासवान ने कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की। चिराग पासवान ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक मंच पर किसी को बुरी तरह पीटने की बात स्वीकार करता है और उसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनके मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
'किसी से मिलना-जुलना जान-पहचान का सबूत नहीं'
चिराग पासवान ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में लोगों से मिलना-जुलना और बातचीत करना सामान्य बात है। किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर या मुलाकात होने का मतलब यह नहीं है कि राजनेता उसे व्यक्तिगत रूप से जानता है या उसके काम का समर्थन करता है। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के उस कथित दावे को गलत बताया, जिसमें उनके नाम का इस्तेमाल किया गया था। पासवान ने कहा कि उनका नाम इस तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है। एलजेपी (राम विलास) प्रमुख ने कहा कि अब वह और उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि मामले की सच्चाई सामने आए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई हो।
निशु आजाद ने सुरक्षा की मांग की
निशु आजाद ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उन्हें गालियां और धमकियां देने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत और एफआईआर दर्ज कराई गई है। निशु के मुताबिक, लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हुईं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उन्हें डर है कि कोई भी व्यक्ति कभी भी उन पर हमला कर सकता है। उन्होंने पुलिस से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।