Published: Saturday, July 25, 2026, 20:46 [IST]
Pralhad Joshi New Education Minister: देशभर में NEET परीक्षा में कथित धांधली को लेकर उठे अभूतपूर्व छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
ऐसे समय में जब NTA की साख, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठ रहे हैं, मोदी सरकार ने एक ऐसे नेता पर भरोसा जताया है, जिन्हें संगठन, संसद और प्रशासन का लंबा अनुभव हासिल है। आखिर कौन हैं प्रह्लाद जोशी और क्यों उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई, आइए जानते हैं।
Who is Pralhad Joshi: कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद वेंकटेश जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। पेशे से उद्योगपति रहे जोशी ने 1990 के दशक में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में भाजपा संगठन में तेजी से अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और तब से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संसदीय मामलों, कोयला और खान मंत्रालय जैसे अहम विभाग संभालने का उनका अनुभव उन्हें सरकार के भरोसेमंद चेहरों में शामिल करता है।
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मोदी ने उन्हीं पर क्यों जताया भरोसा?
प्रह्लाद जोशी को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बैठाने वाले नेताओं में माना जाता है। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित कराने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा कोयला और खान मंत्रालय में भी उन्होंने बड़े फैसलों को लागू करने का अनुभव हासिल किया। NEET विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय को ऐसे चेहरे की जरूरत थी, जो प्रशासनिक क्षमता के साथ राजनीतिक संदेश भी दे सके। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी।
आरएसएस से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव के साथ शुरू हुआ। 1992-94 के दौरान हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन ने उन्हें राज्यभर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने "कश्मीर बचाओ आंदोलन" में भी सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा संगठन में जिला अध्यक्ष से लेकर कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाई। संगठन में लंबे अनुभव के कारण उन्हें पार्टी नेतृत्व का भरोसेमंद नेता माना जाता है।
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New Education Minister Pralhad Joshi: शिक्षा मंत्रालय के सामने क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां?
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं, जब NEET परीक्षा विवाद, NTA में सुधार और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। देशभर में छात्र बेहतर और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जोशी के सामने NTA में जवाबदेही तय करना, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लागू करना और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। उनके शुरुआती फैसलों पर छात्रों, विपक्ष और शिक्षा जगत की नजरें टिकी रहेंगी।