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वाराणसी के आर्यन ने NEET परीक्षा में यूपी किया टॉप: ऑल इंडिया में हासिल की 7वीं रैंक, बेटे की पढ़ाई के कारण मां ने छोड़ी थी नौकरी - Varanasi News

July 17, 2026

वाराणसी के आर्यन दुबे ने 720 में से 710 अंक हासिल कर पूरे यूपी में नीट टॉप किया है। 99.99965 पर्सेंटाइल के साथ आर्यन की ऑल इंडिया रैंक 7 रही। अनुशासन और एकाग्रता के साथ पढ़ाई उनकी सफलता के दो मूल मंत्र रहे। वह पिछले दो साल से नीट यूजी की तैयारी कर रह

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आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग करने वाले आर्यन दुबे ने बताया कि उन्हें मेडिकल क्षेत्र में जाने की प्रेरणा बचपन से ही अपने परिवार से मिली। उनके दादाजी एक सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हैं। आर्यन आइआइटी बीएचयू के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर एवं संस्थान के पूर्व डीन (शोध एवं विकास) डाक्टर विकास कुमार दुबे के पुत्र हैं। उनकी सफलता पर रात से ही बधाइयों और शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है।

सफलता पर रात से ही बधाइयों और शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है।

सफलता पर रात से ही बधाइयों और शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है।

एम्स नई दिल्ली पढ़ने का सपना आर्यन ने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक, एनईईटी (यूजी) 2026 में 720/ में से 710 अंक प्राप्त किए हैं। आर्यन अब एम्स नई दिल्ली में एमबीबीएस में प्रवेश लेकर अपना सपना पूरा करने के लिए उत्साहित हैं। उनका सपना न्यूरो सर्जन के रूप में चिकित्सा जगत में एक कुशल चिकित्सक और शोधकर्ता विज्ञानी बनने की है।

बेटे के पढ़ाई के कारण माता ने छोड़ी थी नौकरी जब आर्यन 10वीं कक्षा में आए, तब उनकी मां ने अपना पूरा समय उन्हें समर्पित करने का निर्णय लिया। आर्यन की मां डॉ. मोनू पांडेय का भी शानदार एकेडमिक रिकार्ड रहा है। उन्होंने आइएमएस बीएचयू से मालीक्यूलर बायोलॉजी में डॉक्टरेट डिग्री लेने के बाद बतौर विज्ञानी अपना करियर शुरू किया था, लेकिन बच्चों के करियर और उनकी देखभाल के लिए उन्होंने अपने करियर को कुछ समय के लिए रोक दिया था।

उनकी मां ने कहा कि कोचिंग से पढ़ाई तो हो जाती है, लेकिन बच्चे को घर पर 24 घंटे एक गार्जियन और मोटिवेशन की जरूरत होती है। इसलिए वे उनके हर डाउट और मानसिक सहारे के लिए हमेशा मौजूद रहीं।

आर्यन अब एम्स नई दिल्ली में एमबीबीएस में प्रवेश लेकर अपना सपना पूरा करने के लिए उत्साहित हैं।

आर्यन अब एम्स नई दिल्ली में एमबीबीएस में प्रवेश लेकर अपना सपना पूरा करने के लिए उत्साहित हैं।

अब पढ़िए आर्यन ने अपनी सफलता पर क्या बताया..

सफलता का मंत्र निरंतरता, मेहनत और आत्मविश्वास अपनी सफलता का राज बताते हुए आर्यन ने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। यदि किसी छात्र ने मेडिकल में जाने का फैसला कर लिया है, तो उसे कम से कम दो वर्षों तक पूरी ईमानदारी और निरंतरता के साथ पढ़ाई करनी होगी।

हर दिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करें। मन हो या न हो, पढ़ाई जारी रखें। नियमित रूप से मॉड्यूल हल करें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें, शॉर्ट नोट्स बनाएं और समय-समय पर उनका रिवीजन करते रहें। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी प्रकार के डिस्ट्रैक्शन से बचें और पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी करें।

अपनी सफलता का राज बताते हुए आर्यन ने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।

अपनी सफलता का राज बताते हुए आर्यन ने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।

नौवीं कक्षा में ही तय कर लिया था लक्ष्य आर्यन ने बताया कि उन्होंने नौवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें मेडिकल क्षेत्र में जाना है। उनके माता-पिता ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और कभी भी परिणाम का दबाव नहीं बनाया। मेरे माता-पिता हमेशा कहते थे कि पूरी मेहनत करो, लेकिन रिजल्ट की चिंता मत करो। इसी सोच के साथ मैंने तैयारी की और हमेशा अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर रखा।

री-एग्जाम की घोषणा से हुए थे निराश आर्यन ने बताया कि जब परीक्षा के बाद री-एग्जाम की घोषणा हुई तो वह काफी तनाव में आ गए थे। पहली परीक्षा में मेरे 715 अंक थे। मुझे विश्वास था कि मेरा चयन हो जाएगा, लेकिन यह चिंता थी कि दोबारा वही प्रदर्शन कर पाऊंगा या नहीं। री-एग्जाम की खबर सुनकर मैं काफी फ्रस्ट्रेशन में चला गया था।

लगभग चार-पांच दिन तक मानसिक तनाव रहा, लेकिन मेरे शिक्षकों और माता-पिता ने मुझे संभाला। उन्होंने कहा कि जो हो चुका है, वह हमारे नियंत्रण में नहीं है। इसके बाद मैंने फिर से अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और अपने तय शेड्यूल के अनुसार तैयारी जारी रखी।

कठिन पेपर के हिसाब से करें तैयारी आर्यन का कहना है कि छात्रों को कभी यह सोचकर तैयारी नहीं करनी चाहिए कि पेपर आसान आएगा। हमेशा कठिन पेपर को ध्यान में रखकर तैयारी करें। जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे, उतना आत्मविश्वास बढ़ेगा। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और सभी प्रकार के सवाल लगातार हल करते रहें। किसी भी स्तर पर लापरवाही न करें।

उन्होंने जेईई मेन्स सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र हल करने की भी सलाह दी, जिससे कठिन प्रश्नों को हल करने की क्षमता विकसित होती है।

जब आर्यन 10वीं कक्षा में आए, तब उनकी मां ने अपना पूरा समय उन्हें समर्पित करने का निर्णय लिया।

जब आर्यन 10वीं कक्षा में आए, तब उनकी मां ने अपना पूरा समय उन्हें समर्पित करने का निर्णय लिया।

भविष्य का लक्ष्य एम्स और न्यूरोसर्जरी आर्यन ने बताया कि उनका सपना देश के प्रतिष्ठित एम्स संस्थान से मेडिकल की पढ़ाई करना है। आगे चलकर वह न्यूरोसर्जरी में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी बहुत बदलाव की जरूरत है और मैं अपने स्तर पर बेहतर योगदान देने की पूरी कोशिश करूंगा।

परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं अपनी उपलब्धि पर आर्यन ने कहा कि ऑल इंडिया में सिंगल डिजिट रैंक प्राप्त करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। मुझे उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे, लेकिन यह नहीं सोचा था कि उत्तर प्रदेश में टॉप करूंगा और पूरे देश में सातवीं रैंक हासिल होगी। मेरे माता-पिता बेहद खुश हैं और उनकी खुशी ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।

उन्होंने कहा- आज मैं जहां हूं, उसमें मेरे माता-पिता, मेरे शिक्षक और हर उस व्यक्ति का योगदान है जिसने मुझ पर विश्वास किया। मैं अपनी इस सफलता का श्रेय उन सभी को समर्पित करता हूं।

आर्यन का कहना है कि छात्रों को कभी यह सोचकर तैयारी नहीं करनी चाहिए कि पेपर आसान आएगा।

आर्यन का कहना है कि छात्रों को कभी यह सोचकर तैयारी नहीं करनी चाहिए कि पेपर आसान आएगा।

कल आया था रिजल्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल 720 में से 715 अंकों के साथ ऑल इंडिया टॉपर बने। 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए।

पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी।

NTA ने इस साल परीक्षा के मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया था। पहली बार मूल्यांकन के सभी चरण एक के बाद एक के बजाय समानांतर तरीके से पूरे किए। इससे तय समय पर रिजल्ट जारी किया जा सका। वहीं, पहली बार OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया।

NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन

3 मई 2026: NEET UG 2026 की पहली परीक्षा आयोजित

12 मई, 2026: पेपर लीक के आरोपों के बाद: 3 मई की परीक्षा रद्द की गई

21 जून 2026: देशभर में NEET UG की दोबारा परीक्षा हुई

25 जून 2026: प्रोविजनल आंसर-की जारी, ऑब्जेक्शन विंडो खुली

25–28 जून 2026: उम्मीदवारों से आंसर-की पर आपत्तियां मांगी गईं

13–15 जुलाई 2026: स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी

16 जुलाई 2026: फाइनल आंसर-की जारी, NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा

पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है।

नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…