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NEET : 2 गरीब बहनों ने पहाड़ और जंगल में पढ़कर पास की नीट परीक्षा, अब MBBS कर बनेंगी डॉक्टर

September 4, 2026

Sep 04, 2026 01:12 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

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जिस परिवार में पेट पालना चुनौती है, उसकी दो बेटियां अब डॉक्टर बनने जा रही हैं। दोनों ने नीट क्रैक कर डाला है। घर में मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आता था इसलिए दोनों बहनों को पहाड़ पर जाकर जंगलों में पढ़ाई करनी पड़ी।

2 sisters studied in mountains and jungle passed NEET exam

पहाड़ और जंगल में पढ़कर पास की नीट परीक्षा (Photo Source : OTV)

अगर जज्बा और जुनून हो तो गरीबी और संसाधनों की कमी कामयाबी के आड़े नहीं आती। ओडिशा के एक बेहद गरीब परिवार की दो बहनों ने सुविधाओं की कमी के बावजूद मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी क्रैक कर इस बात को साबित कर दिया है। मयूरभंज जिले की दो बहनों के संघर्ष की कहानी उन छात्रों के लिए बेहतरीन मिसाल है जो अकसर अपनी असफलता के लिए सीमित संसाधन की दुहाई देते हैं। कप्तीपदा ब्लॉक के महुलापंखा गांव की रहने वाली बहनों यज्ञसेनी और दिव्यसेनी के पास न सिर्फ पैसों की तंगी थी बल्कि उनके घर में इंटरनेट भी ठीक से नहीं चलता था। इन समस्याओं के बावजूद उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में सफलता हासिल की है। दोनों अब एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं।

न कोचिंग, न घर में अच्छा इंटरनेट

ओडिशा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यज्ञसेनी और दिव्यसेनी के लिए NEET की तैयारी किसी चुनौती से कम नहीं थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे महंगी निजी कोचिंग ले सकें। ऐसे में दोनों ने ऑनलाइन कक्षाओं और सेल्फ स्टडी को ही अपनी तैयारी का आधार बनाया। लेकिन मुश्किल सिर्फ पैसों की नहीं थी। उनके घर पर मोबाइल नेटवर्क भी ठीक से नहीं आता था। ऑनलाइन क्लास के दौरान इंटरनेट कनेक्शन बार-बार बाधित होता था।

पहाड़ियों की चोटियों पर पढ़ीं, वहां के जंगलों के बीच पढ़ी

बहनों ने हार नहीं मानी। जब घर में नेटवर्क नहीं मिलता, तो वे पास की पहाड़ियों की चोटियों पर चढ़ जाती थीं, जहां मोबाइल नेटवर्क बेहतर मिलता था। वहीं बैठकर वे ऑनलाइन क्लास करतीं, पढ़ाई करतीं। इन बहनों के लिए पहाड़ की चोटी ही उनका क्लास रूम और स्टडी रूम बन गए थे।

पिता किसान, मां आंगनवाड़ी सहायिका

यज्ञसेनी और दिव्यसेनी के पिता गौरांग खटुआ किसान हैं, जबकि उनकी मां सुनीता आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में काम करती हैं। परिवार की सीमित आमदनी से घर चलाने के साथ-साथ दोनों बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद माता-पिता ने बेटियों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। आर्थिक तंगी के बीच माता-पिता का यह भरोसा बेटियों के लिए बड़ी ताकत बना।

तीसरे अटेम्प्ट में बड़ी बहन पास, पहले में छोटी ने मारी बाजी

यज्ञसेनी ने NEET तीसरे प्रयास में पास किया, जबकि उनकी छोटी बहन दिव्यसेनी ने पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर ली। एक ओर बड़ी बहन ने असफलताओं से सीखते हुए लगातार प्रयास जारी रखा, तो दूसरी ओर छोटी बहन ने पहली कोशिश में ही मेडिकल की राह खोल दी।

दोनों बहनों की एक साथ सफलता ने परिवार में खुशी ला दी है। जिस घर में गुजारा करना मुश्किल होता है, वहां अब दो बेटियों के डॉक्टर बनने का सपना हकीकत बनने जा रहा है।

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।

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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।

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