उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में वायु प्रदूषण पर नकेल कसने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के बीच एक अहम बैठक हुई। इस दौरान औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन प्रदूषण, डस्ट मैनेजमेंट और सॉलिड वेस्ट रूल्स को सख्ती से लागू करने पर सहमति बनी।
एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं।
- Published: 18 Sep 2026, 05:09 PM IST
- Last Updated: 18 Sep 2026, 05:09 PM IST
लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार, 18 सितंबर को आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े आठ जिलों- नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर आदि में प्रदूषण की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयासों और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा और यूपी सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहे।
वाहन और औद्योगिक प्रदूषण पर कड़ा रुख
बैठक के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई है:
- ईवी नीति और वाहन प्रदूषण: राज्य में नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने, पुराने वाहनों को हटाने, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों के नियमन पर चर्चा हुई।
- औद्योगिक निगरानी (OCEMS): प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगाए जा चुके हैं। शेष उद्योगों में भी इन्हें जल्द अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया है।
- धूल और कचरा प्रबंधन: सड़कों की मैकेनाइज्ड व डीप क्लीनिंग के साथ-साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (C&D) वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी विभागों और हितधारकों के साथ परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ देश में अव्वल
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के नतीजों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश के 130 शहरों में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी काफी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत तय लक्ष्य से अधिक पौधारोपण करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।
राज्यों के साथ अंतर-राज्यीय समन्वय और पराली प्रबंधन
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री के बाद अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ सकारात्मक बैठक हुई है। जल्द ही राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठकें होंगी। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। इसके अलावा 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।