
दिल्ली प्रदूषणImage Credit source: Getty Images
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया है. आयोग की प्रवर्तन कार्यबल (ETF) की 141वीं बैठक में निर्माण एवं विध्वंस स्थलों, औद्योगिक इकाइयों और डीजल जनरेटर सेटों के खिलाफ की गई जांच और कार्रवाई की समीक्षा की गई.
बैठक में बताया गया कि 25 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 124 निरीक्षण किए गए. इनमें निर्माण एवं विध्वंस (C&D) स्थलों पर 6, औद्योगिक क्षेत्र में 54 और डीजल जनरेटर सेट से संबंधित 64 निरीक्षण शामिल थे. इन जांचों के दौरान कुल 55 उल्लंघन सामने आए, जिसमें निर्माण स्थलों से जुड़े 5, औद्योगिक क्षेत्र के 35 और डीजल जनरेटर सेट से जुड़े 15 मामले शामिल हैं.
12 इकाइयों को सील करने का प्रस्ताव
उल्लंघनों के आधार पर दो निर्माण एवं विध्वंस परियोजनाओं और तीन औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र और डीजल जनरेटर सेट से संबंधित कुल 12 इकाइयों को सील करने, पर्यावरणीय मुआवजा लगाने और नियमों के अनुपालन के निर्देश जारी करने समेत अन्य कार्रवाई प्रस्तावित की गई है. कुछ मामलों में दोबारा निरीक्षण और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को मामले भेजने की भी कार्रवाई की जाएगी.
अब तक 1,837 क्लोजर निर्देश जारी
CAQM के फ्लाइंग स्क्वॉड अब तक NCR में 28,868 इकाइयों, परियोजनाओं और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चुके हैं. इन निरीक्षणों के आधार पर 1,837 बंदी निर्देश जारी किए गए हैं. इनमें से नियमों के अनुपालन की पुष्टि के बाद 1,491 मामलों में दोबारा संचालन की अनुमति दी जा चुकी है. वहीं, 130 मामले अंतिम फैसले के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को भेजे गए हैं, जबकि 216 मामलों में दोबारा संचालन की अनुमति जारी होना बाकी है.
हरियाणा और यूपी में तीन परियोजनाओं को राहत
आयोग के मुताबिक, पिछली बैठक के बाद 15 अक्टूबर तक तीन निर्माण एवं विध्वंस स्थलों के लिए दोबारा संचालन के आदेश जारी किए गए. इनमें हरियाणा के दो और उत्तर प्रदेश का एक स्थल शामिल है. इसके अलावा तीन मामले अंतिम फैसले के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं. इनमें एक औद्योगिक मामला और दो निर्माण एवं विध्वंस से जुड़े मामले हैं.
CAQM ने फ्लाइंग स्क्वॉड को रेड और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों, विशेषकर भट्टियों और बॉयलर वाली इकाइयों पर प्राथमिकता से निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच, अनुपालन का समय पर सत्यापन और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.
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जीतेन्द्र भाटी
करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.
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