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सायोनी घोष को भाजपा ने दिया झटका, पश्चिम बंगाल में छोड़ा बागियों का साथ

September 11, 2026

भारतीय जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी की सहयोगी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ बंगाल में चुनाव नहीं लड़ेंगे। भाजपा का कहना है कि बंगाल में कोई भी उसका गठबंधन साथी नहीं है।

पश्चिम बंगाल में नगर निकाय चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को बड़ा झटका दे दिया है। खबर है कि भाजपा ने इन चुनावों में बगैर किसी के साथ गठबंधन के लिए उतरने का फैसला किया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले दिनों में KMC यानी कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम के चुनाव हो सकते हैं। हालांकि, अब तक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। वहीं, बागी गुट भाजपा के साथ चुनाव लड़ने की उम्मीद में है।

तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर NCPI यानी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में बागी सांसदों ने विलय कर लिया था। इनमें सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार, यूसुफ पठान, सुदीप बंदोपाध्याय समेत कई बड़े नाम शामिल थे।

भाजपा का क्या है प्लान

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के बंगाल अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में भाजपा का कोई भी गठबंधन साथी नहीं है। हम कोलकाता और हवड़ा नगर निकाय चुनाव अपनी दम पर लड़ेंगे और जीतेंगे।' उन्होंने कहा, 'दिल्ली में NCPI के साथ कोई व्यवस्था हो सकती है, लेकिन दिल्ली और कोलकाता करीब 1500 किमी दूर हैं।'

अखबार से बातचीत में एक भाजपा नेता ने कहा, 'पहले हम अपने ही संगठन, नेताओं और कार्यकर्ताओं पर निर्भर रहना चाहते हैं। बंगाल में सत्ता में आने के बाद यह हमारा पहला चुनाव है। दूसरा, राष्ट्रीय राजनीति में अंतर होता है। NCPI भले ही एनडीए का साथी हो, लेकिन वो पूर्व टीएमसी नेता है, जिनके खिलाफ हमारे कार्यकर्ताओं ने लड़ा है। कई लोगों की जान चली गई। अगर हम हाथ मिलाएंगे, तो गलत संदेश जाएगा।'

उम्मीद लगाए बैठे बागी सांसद

दस्तीदार का कहना है, 'हम भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए में सबसे बड़े गठबंधन साथी हैं और निकाय चुनाव गठबंधन के साथी के तौर पर ही लड़ेंगे। इसके लिए हमें भाजपा के साथ गठबंधन करना होगा। हम चुनाव आने के बाद फैसला लेंगे, लेकिन इस बात के पूरे आसार हैं कि गठबंधन होगा।' खास बात है कि 209 सीटों पर चुनाव होने हैं।

खास बात है कि दस्तीदार समेत अधिकांश सांसद राजधानी दिल्ली में हाल के समय में हुईं नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस की बैठक में पहुंचे थे। इनमें सायोनी घोष का नाम भी शामिल था।

सीटें बढ़ने वाली हैं

चुनाव से पहले कोलकाता और हावड़ा निगम के परिसीमन की चर्चाएं जोर पकड़ रहीं हैं। पुनर्गठन प्रस्ताव के तहत कोलकाता में वार्ड बढ़कर 209 हो जाएंगे, जो अभी 144 हैं और हावड़ा में आंकड़ा 50 से बढ़कर 68 हो जाएगा।

ममता बनर्जी गुट भी तैयार

इधर, पार्षदों से लेकर सांसद स्तर तक टूट का सामना कर रही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस भी स्थानीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी के नेता कुणाल घोष कहते हैं, 'हम तैयार हैं और अच्छे नतीजे मिलेंगे। हालांकि, परिसीमन को लेकर हमें आपत्तियां हैं। इसे आबादी के आधार पर किया जाना था, लेकिन इसे भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए वोटर्स के आधार पर किया गया है।'

उप चुनाव भी होने हैं

खास बात है कि राज्य में 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव भी होने हैं। अब तक भाजपा या टीएमसी ने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। एक ओर जहां नंदीग्राम से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधायक पद छोड़ दिया है, जिसके चलते यहां चुनाव हो रहे हैं। वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट छोड़ दी थी। 9 अक्टूबर को नतीजों का ऐलान होगा।

ये चुनाव ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब राज्य में भाजपा पहली बार सत्ता में आई है, टीएमसी के दो फाड़ हो चुके हैं और 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भी कुछ सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, कबीर की AJUP की भी विधानसभा में मौजूदगी है। खुद कबीर ने ही चुनाव में जीत दर्ज की थी।