Updated On: Jul 18, 2026 | 08:33 AM IST
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सार
Maharashtra Politics: NCP में सुनेत्रा पवार और सीनियर नेताओं के बीच विवाद गहराया। सीएम फडणवीस से प्रफुल पटेल और तटकरे की मुलाकात पर पार्थ पवार ने जताई कड़ी नाराजगी।

पटेल-तटकरे, सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra Politics NCP Sunetra Pawar: डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार की पार्टी में अंदरूनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा विवाद पार्टी के दो सीनियर नेता प्रफुल पटेल व सुनील तटकरे की सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ मीटिंग को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों नेताओं ने सीएम से मुलाकात के पहले पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को जानकारी नहीं ही थी इसे लेकर सुनेत्रा के साथ उनके पुत्र पार्थ पवार भड़के हुए हैं। सीनियर नेताओं के साथ कलह की वजह से सुनेत्रा की पार्टी में अविश्वास और बढ़ गया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने केंद्रीय चुनाव आयोग को लिखे पत्र में पटेल व तटकरे के नाम व पद का जिक्र नहीं किया था। दरअसल डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के बाद से पटेल व तटकरे, पार्टी के अंदर अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक़ पार्टी के अंदर ख़ास तौर से पार्थ पवार की बढ़ती दखलअंदाजी से ये दोनों सीनियर नेता नाराज हैं। ऐसे में अब राकां के अंदर नई सियासी खिचड़ी पक रही है।
जरूरी लगता तो सुनेत्रा को बताता : तटकरे
- सुनील तटकरे ने सीएम फडणवीस के साथ मुलाकात को लेकर कहा है कि यह एक अनौपचारिक मुलाकात थी।
- उन्होंने कहा कि अगर मुझे जरूरी लगता तो पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को बताता। तटकरे ने कहा कि आम तौर से किसी भी महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि से पहले पार्टी अध्यक्ष को पूरी जानकारी दी जाती है।
- उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया है कि सीएम से मुलाकात को लेकर पार्टी में कोई विवाद है और इस बारे में सफाई देने के लिए सुनेत्रा पवार ने उन्हें तलब किया है।
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सीएम फडणवीस से मिले पार्थ
इन तमाम विवादों के बीच राकां सांसद पार्थ पवार ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से वर्षा निवास पर मुलाकात की। तटकरे व पटेल के बाद सीएम के साथ पार्थ की मुलाकात को राजनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्थ ने सीएम को ब्रीफ करते हुए कहा है पार्टी का कोई भी अधिकृत फैसला लेने का अधिकार सिर्फ पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी जानने का प्रयास किया कि आखिर पटेल और तटकरे के इस तरह गुपचुप मुलाकात का एजेंडा क्या था।
पार्टी में अंदरूनी बदलाव को लेकर काफी चर्चा है। अजीत पवार के निधन के बाद पार्टी की लीडरशिप सुनेत्रा पवार के पास चली गई है, जबकि पार्थ पवार और जय पवार के पास पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। हालांकि पटेल और तटकरे पहले की तरह पार्टी में डोमिनेट करना चाहते हैं लेकिन पार्थ व जय पवार को यह मंजूर नहीं है।
