प्रदेश में अब तक सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश दर्ज, पूर्वी मध्य प्रदेश में हालात ज्यादा चिंताजनक; छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश की संभावना।
MP Weather Alert
- Published: 19 Jul 2026, 09:34 AM IST
- Last Updated: 19 Jul 2026, 09:34 AM IST
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। लगातार कई दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण राज्य में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के आसपास चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ सिस्टम सक्रिय है, जिसके प्रभाव से कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं जबलपुर, ग्वालियर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 34 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
भोपाल-इंदौर में मौसम रहेगा साफ
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और आसपास के कई जिलों में रविवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं।
15 फीसदी कम हुई मानसूनी बारिश
प्रदेश में इस बार मानसून का प्रदर्शन औसत से कमजोर रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में 247 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 291 मिमी माना जाता है। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 फीसदी कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है, जहां सामान्य से 26 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा 5 फीसदी कम बना हुआ है।
जुलाई में भी नहीं मिली राहत
मौसम विभाग के मुताबिक जून में कम बारिश के बाद जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी वर्षा हुई थी, लेकिन पिछले 9 दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण मानसून का ग्राफ फिर नीचे चला गया है। आमतौर पर जुलाई में पूरे मानसून सीजन की करीब एक-तिहाई बारिश होती है, लेकिन इस बार आंकड़े उम्मीद से काफी पीछे हैं।
बारिश के लिए टोटकों का दौर
बारिश की कमी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में पारंपरिक मान्यताओं और टोटकों का दौर भी देखने को मिल रहा है। भोपाल में शनिवार को लोगों ने बारिश की कामना करते हुए गधे को गुलाब जामुन खिलाए, जिसकी चर्चा पूरे शहर में रही।