world-news

MP Police: पुलिस में DSP प्रमोशन की फिर होगी जांच, 250 अफसरों के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे; 15 से ज्यादा पदावनत हो सकते हैं - Haribhoomi

September 20, 2026

मध्य प्रदेश पुलिस में निरीक्षक से डीएसपी बनाए गए करीब 250 अधिकारियों के प्रमोशन रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जाएगी। समान नाम के कारण तीन अधिकारियों के प्रमोशन सूची में शामिल होने समेत विभागीय जांच, दंड और न्यायालयीन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे। प्रारंभिक स्तर पर 15 से ज्यादा डीएसपी के पदावनत होने की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला रिव्यू DPC की जांच के बाद होगा।

MP Police

DSP प्रमोशन की फिर होगी जांच, 250 अफसरों के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे(AI)

  • Published: 20 Sep 2026, 09:22 AM IST
  • Last Updated: 20 Sep 2026, 09:22 AM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर हुई पदोन्नतियों की अब दोबारा समीक्षा की तैयारी है। विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए निरीक्षक से डीएसपी बनाए गए करीब 250 अधिकारियों के रिकॉर्ड फिर से खंगाले जाएंगे। प्रारंभिक जांच में पात्रता से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आने के बाद 15 से ज्यादा डीएसपी के पदावनत होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला रिव्यू DPC की जांच के बाद ही होगा।

समान नाम के कारण तीन अफसर भी सूची में
रिव्यू DPC की जरूरत की एक वजह पदोन्नति सूची में पहचान से जुड़ी गड़बड़ी भी सामने आना है। सूत्रों के अनुसार, तीन ऐसे अधिकारी मिले हैं, जो समान नाम होने के कारण पदोन्नति सूची में शामिल हो गए। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है, जबकि कुछ अन्य निर्धारित पदोन्नति की शर्तें पूरी नहीं करते हैं।

पुलिस मुख्यालय अब संबंधित अधिकारियों की सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की दोबारा जांच करेगा। इसमें विभागीय जांच, विभागीय दंड, न्यायालयीन प्रकरण और पदोन्नति के लिए जरूरी अन्य पात्रता शर्तों की जानकारी शामिल है।

PHQ ने सभी इकाइयों से मांगी थी जानकारी
डीएसपी पद पर पदोन्नति के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित पुलिस इकाइयों से अधिकारियों के खिलाफ लंबित मामलों और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी मांगी थी। इसी प्रक्रिया में कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पदोन्नति की पात्रता पर दोबारा विचार करने की जरूरत महसूस हुई।

अब रिव्यू DPC के जरिए सभी संबंधित अधिकारियों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। इसके बाद तय होगा कि किन अधिकारियों की पदोन्नति बरकरार रहेगी और किन मामलों में बदलाव किया जाएगा।

पहले 150 से ज्यादा प्रमोशन हो चुके हैं निरस्त
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय पहले भी अलग-अलग संवर्गों में हुई पदोन्नतियों की समीक्षा कर चुका है। विभागीय जांच, दंड, न्यायालयीन मामलों या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से 150 से अधिक उप निरीक्षकों और निरीक्षकों की पदोन्नतियां निरस्त की जा चुकी हैं।

हाल की समीक्षा में 83 उप निरीक्षकों और 78 निरीक्षकों की पदोन्नति निरस्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

410 DSP पद, 113 पद प्रमोशन कोटे में रिक्त
पुलिस विभाग में डीएसपी स्तर पर कुल 410 पद निर्धारित बताए गए हैं। जुलाई में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से पहले करीब 297 पदों पर कार्यवाहक डीएसपी पदस्थ थे, जबकि 113 पद पदोन्नति कोटे में रिक्त बताए गए थे।

यदि रिव्यू DPC में कुछ डीएसपी की पदोन्नति निरस्त होती है और पद रिक्त होते हैं, तो पात्र निरीक्षकों को डीएसपी बनने का मौका मिल सकता है। हालांकि अभी 15 से अधिक डीएसपी के पदावनत होने की बात अंतिम नहीं है। रिव्यू DPC में सभी रिकॉर्ड, विभागीय जांच, दंड, न्यायालयीन मामलों और पात्रता शर्तों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।