मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग मृत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के लिए अनुकम्पा नियुक्ति आदेशों में तेजी ला रहा है। हाल के दिनों में 859 लंबित मामलों में से लगभग 600 का समाधान किया गया है, और जल्द ही 30 और जारी होने की उम्मीद है। इस कदम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को समय पर वित्तीय सहायता और गरिमा प्रदान करना है।
By Oneindia Staff
Published: Thursday, September 24, 2026, 12:01 [IST]
भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 859 लंबित मामलों में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश पिछले दो दिनों में जारी किए जा चुके हैं।
यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल और अपेक्षा के अनुरूप लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री के अनुसार, करीब 30 और अनुकंपा नियुक्ति आदेश आगामी दो दिनों में जारी किए जाएंगे। वहीं, शेष लंबित प्रकरणों में भी आवश्यक विकल्पों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों को राहत देना है, जिनके परिवार के सदस्य सरकारी सेवा के दौरान दिवंगत हो गए और उनके आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति के मामले लंबे समय से लंबित थे।
दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल देने पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सके। इसी उद्देश्य से लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के स्तर पर शेष मामलों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि पात्र मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री की पहल के अनुरूप कार्रवाई
स्कूल शिक्षा मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल और अपेक्षा के अनुरूप की जा रही है। विभाग का फोकस लंबे समय से लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। करीब 859 लंबित प्रकरणों में से 600 मामलों में नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद अब शेष मामलों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी नजर है।
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