मुख्यमंत्री ने उज्जैन में सिंहस्थ महा पर्व 2028 के लिए व्यापक तैयारियों की रूपरेखा बताई है, जिसमें भक्तों और साधुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, नागरिक अवसंरचना और विभिन्न धर्मों के बीच व्यापक सामुदायिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
By Oneindia Staff
Published: Tuesday, August 25, 2026, 22:31 [IST]
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से सिंहस्थ-2028 का आयोजन भव्य, दिव्य, अद्भुत और अलौकिक होगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे महापर्व से पहले शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित स्वरूप दिया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल के दायित्व ग्रहण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सिंहस्थ की तैयारियों में संतों, प्रशासन, विभिन्न संगठनों और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत-महात्माओं के मार्गदर्शन में शासन और प्रशासन द्वारा सिंहस्थ महापर्व के लिए श्रद्धालुओं एवं साधु-संतों की सुविधा और सेवा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सिंहस्थ का आयोजन सभी की सहभागिता से किया जाएगा और सभी संबंधित पक्षों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास भूमि उपलब्ध है, वे अपनी भूमि पर स्कूल, अस्पताल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं विकसित कर सकते हैं। सरकार इसमें आवश्यक सहयोग करेगी।
उज्जैन के विकास में सभी वर्गों का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के साथ गौरव जुड़ा हुआ है और सनातन धर्म की पहचान संत-महात्माओं के कारण बनी है। सिंहस्थ की तैयारियों के लिए किए जा रहे विकास कार्यों में समाज के सभी वर्गों के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोगों ने धर्मस्थलों के लिए अपनी जगह उपलब्ध कराकर सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि अनेक नागरिकों ने अपने मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जगह भी स्वेच्छा से उपलब्ध कराई है। आने वाले समय में उज्जैन के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जाएगा, जिससे उन्हें और अधिक भव्य स्वरूप दिया जा सके।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है सिंहस्थ
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संत बालयोगी उमेश नाथ महाराज ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यान सिंहस्थ को भव्य स्वरूप देने पर केंद्रित है। स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2028 का कुंभ भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।
विश्व के सबसे बड़े मेलों में शामिल सिंहस्थ
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व सनातन धर्म का विश्व का सबसे बड़ा मेला है और इसकी तैयारियां भी उसी स्तर के अनुरूप की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद बाबा महाकाल की आभा और उज्जैन की पहचान को दुनियाभर में नई पहचान मिली है। सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ महापर्व के ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उज्जैन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और सिंहस्थ के आयोजन में सभी लोग मेजबान की भूमिका में हैं।
जगदीश अग्रवाल ने संभाला दायित्व
सिंहस्थ मेला कार्यालय परिसर में आयोजित दायित्व ग्रहण समारोह में जगदीश अग्रवाल ने संत-महंतों की उपस्थिति में सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष पद का दायित्व ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने अध्यक्ष कक्ष में भगवान महाकाल की तस्वीर का विधिवत पूजन-अर्चन किया। सिंहस्थ-2028 को लेकर राज्य सरकार द्वारा उज्जैन में विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य महापर्व के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।
Read more about: