Gopalak Sammelan Bhopal: भोपाल (Bhopal) के भेल दशहरा मेदान (Dussehra Ground) में आयोजित राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन (MP Gopalak Sammelan) में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मध्यप्रदेश सरकार (MP Govt) की सराहना की।
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि देश में शुरू हुई ‘श्वेत क्रांति 2.0’ को आगे बढ़ाने में मध्यप्रदेश
(Madhya Pradesh) की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।
अमित शाह ने सम्मेलन में बड़ी संख्या में पहुंचे गौपालकों को मध्यप्रदेश में डेयरी क्षेत्र (Dairy sector) के विस्तार के लिए सकारात्मक संकेत बताया। शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर बात करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समय पर न्याय सुनिश्चित करना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
नई न्याय व्यवस्था में तकनीक पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में औपनिवेशिक दौर के आपराधिक कानूनों की जगह नए भारतीय कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में जांच और न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध करने के साथ तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाया गया है।
शाह के मुताबिक ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC), फॉरेंसिक जांच (FI) और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ने से न्याय प्रक्रिया को अधिक आधुनिक बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने महिला सुरक्षा (Women Safety), आतंकवाद (Terrorism) और मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) जैसे अपराधों से निपटने के लिए भी नए प्रावधानों का उल्लेख किया।
गौपालकों की आय बढ़ाने पर फोकस
अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि अलग सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) की मांग लंबे समय से की जा रही थी और केंद्र सरकार ने इसके लिए स्वतंत्र मंत्रालय बनाया। उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारिता के विस्तार का सीधा फायदा पशुपालकों और दूध उत्पादकों को मिल सकता है।
शाह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों और पशुपालकों को दूध का बेहतर मूल्य मिले और वे केवल कच्चा दूध बेचने तक सीमित न रहें। दूध से दही, पनीर, मक्खन और दूसरे वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार करने के लिए भी पूरी सप्लाई चेन विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
केंद्र की White Revolution 2.0 पहल के तहत देश में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने और 46,422 मौजूदा समितियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश के लिए भी नई डेयरी समितियों का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट
सम्मेलन में डेयरी सेक्टर से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। उज्जैन (Ujjain) में करीब ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमिपूजन किया गया।
भोपाल में करीब ₹16.5 करोड़ की लागत से तैयार डेयरी प्लांट और ₹12.42 करोड़ की अत्याधुनिक राज्यस्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का शुभारंभ भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। शिवपुरी में ₹6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट को मजबूत करने का काम भी शामिल है।
कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े सदस्यों को बोनस और लाभांश वितरण के साथ गौपालक दीदियों का सम्मान भी किया गया।
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दूध उत्पादन बढ़ाने में केंद्र का सहयोग
अमित शाह ने मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन और सहकारी खरीद बढ़ाने के राज्य सरकार के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए केंद्र की ओर से सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन केंद्र सरकार डेयरी क्षेत्र के विस्तार में प्रदेश के साथ काम करेगी।
उन्होंने पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर चारा, पशु आहार, आधुनिक प्रजनन तकनीक और कृत्रिम गर्भाधान जैसे उपायों पर भी जोर दिया। इसके साथ गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाने के जरिए पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने की बात कही गई।
White Revolution 2.0 में डेयरी सहकारिताओं के विस्तार के साथ महिला पशुपालकों को संगठित क्षेत्र से जोड़ने और डेयरी सेक्टर में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर भी फोकस है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी की बड़ी भूमिका
शाह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का भी माध्यम बन रहा है।
उन्होंने पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण रोजगार, पोषण और किसानों की आय से जोड़ते हुए सहकारी मॉडल के विस्तार पर जोर दिया।
भारत दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देशों में शामिल है और केंद्र सरकार डेयरी सहकारी नेटवर्क को और विस्तार देने के लिए White Revolution 2.0 पर काम कर रही है।
आधिकारिक योजना के मुताबिक इसका लक्ष्य डेयरी सहकारिताओं की पहुंच बढ़ाने के साथ दूध की सहकारी खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि करना है।
नशे के खिलाफ अभियान का भी जिक्र
अपने संबोधन में अमित शाह ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर भी बात की। उन्होंने 31 दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के केंद्र के लक्ष्य का उल्लेख किया और मध्यप्रदेश में भी इस दिशा में व्यापक अभियान चलाने की बात कही।
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