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MP विधानसभा मानसून सत्र: छात्रों पर कार्रवाई से निजी विश्वविद्यालय बिल तक, तीसरे दिन हंगामे के बीच अहम फैसले| Navbharat Live

July 22, 2026

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सार

MP Assembly Monsoon Session: एमपी विधानसभा में तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर पहुंचे कांग्रेसी विधायक, तीखे हंगामे के बीच निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित, प्रश्नकाल में गूंजे भ्रष्टाचार के मुद्दे।

The third day of the Madhya Pradesh Assembly Monsoon Session witnessed uproar as the House debated action related to students and took up the Private University Bill along with other key legislative matters

एमपी विधानसभा (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

MP Assembly Monsoon Session Third Day: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत तीखे राजनीतिक टकराव के साथ हुई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के सभी विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। विपक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी।

इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

सदन में लंबी बहस के बाद मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक-2026 ध्वनि मत से पारित हो गया। कांग्रेस ने इस विधेयक का जोरदार विरोध करते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। विधायक महेश परमार, प्रताप ग्रेवाल और झूमा सोलंकी ने कहा कि सरकार निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए 25 एकड़ भूमि और 5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी अनिवार्य शर्तें समाप्त कर रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी।

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प्रश्नकाल में सिंचाई, पेसा एक्ट और भ्रष्टाचार के मुद्दे गरमाए

प्रश्नकाल के दौरान भी सरकार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार और किसानों तक पानी नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। मंत्री कृष्णा गौर ने परियोजना को सफल बताते हुए दावा किया कि इससे हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। वहीं बाला बच्चन ने बड़वानी जिले में पेसा एक्ट के उल्लंघन और ग्राम सभा की अनुमति के बिना सोलर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला उठाया, जिस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने आरोपों को खारिज कर दिया। रीवा जिले की महमूदपुर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार की जांच अब भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम करेगी।

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अन्य विधेयकों को मंजूरी, कई जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

हंगामे के बीच सदन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को भी ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके अलावा ई-अटेंडेंस व्यवस्था, आदिवासियों की जमीन से जुड़े मामले, किसानों के लंबित मुआवजे और वसीयत के आधार पर नामांतरण जैसे विषयों पर भी सदन में विस्तृत चर्चा हुई। कुल मिलाकर मानसून सत्र का तीसरा दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, तीखी बहस और कई महत्वपूर्ण विधायी निर्णयों के कारण बेहद चर्चित रहा।

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