उच्च न्यायालय, जबलपुर ने MP में अनसूटेबल नर्सिंग कॉलेजों के 2935 GNM स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है. ये स्टूडेंट्स अब आगामी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े से संबंधित मामले में GNM स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है. लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका पर सुनवाई हाईकोर्ट ने GNM स्टूडेंट्स को राहत दी है.
उच्च न्यायालय, जबलपुर के जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस बीपी शर्मा की डिविजन बेंच ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुएअनसुटेबल नर्सिग कॉलेजों के GNM कोर्स के स्टूडेंट्स को राहत दी है.
इस वजह से परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला
इस मामले में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने नर्सिंग काउंसिल की ओर से हाईकोर्ट में जानकारी पेश की. उन्होंने बताया किअनसूटेबल नर्सिंग कॉलेजो से सूटेबल कॉलेजों में ट्रांसफर हेतु पात्र पाये गए कुल पंजीकृत छात्र 4,475 हैं, जिनमे से शिफ्टिंग हेतु पंजीकृत छात्रों की संख्या 2,813 है. वहीं चॉइस फिलिंग करने वाले छात्र 2,619 थे, जिनमे से 2,395 छात्र सफलतापूर्वक स्थानांतरित किए जा चुके हैं. हाईकोर्ट ने उक्त जानकारी को रिकार्ड पर लेते हुए इन सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं में शामिल करने तथा रुके हुए परीक्षा परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं.
ग्वालियर चंबल संभाग के कॉलेजों को हाईकोर्ट से झटका
हाईकोर्ट में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों ने आवेदन पेश कर बताया कि उनके कॉलेजों की जांच पूर्व में ग्वालियर बेंच द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति द्वारा की जा चुकी है, जिसमें उन्हें उपयुक्त पाया गया था. इसी आधार पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने उन कॉलेजों की सीबीआई जांच पर अस्थाई रूप से रोक लगाई थी.
छात्रों ने हाई कोर्ट से मांग की थी उनके कॉलेजों की जांच पर वर्तमान में रोक होने के कारण उनके कॉलेजों को सूटेबल माना जाए और पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी जाए. मामले में याचिकाकर्ता और सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ग्वालियर चंबल के इन कॉलेजों की जांच जिस 10 सदस्यीय दल द्वारा की गई थी, उनके द्वारा फैकल्टी डुप्लीकेसी की जांच नहीं हुई की गई थी.
वहीं ग्वालियर चंबल संभाग के कॉलेजों के द्वारा उक्त सत्रों में अनेकों फर्जी एवं डुप्लीकेट फैकल्टी दर्शा कर मान्यता प्राप्त की गई थी, जिसे जबलपुर बेंच में लंबित नर्सिंग फर्जीवाड़े मामले में भी हाई कोर्ट के संज्ञान में लाया गया था. इस कारण से उन कॉलेजों को सीबीआई जांच के बगैर कोई भी राहत नहीं दी जानी चाहिए. हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उन कॉलेजों के संबंध में कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया.

शुभम गुप्ता
शुभम गुप्ता को पत्रकारिता में 14 सालों का अनुभव है. क्राइम और राजनीति की खबरों में अच्छी पकड़ है. फील्ड रिपोर्टिंग, लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना और उसे दुनिया के सामने परोसना पसंद है. उन्होंने पी सी बागला डिग्री कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस से एमए किया है. उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया है. शुभम की पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक आज और राजपथ समाचार पत्र से हुई. इसके बाद हाथरस जिले का लोकल सिटी न्यूज़ चैनल शुरू किया. उन्होंने के न्यूज़, समाचार प्लस, news1 इंडिया में बतौर रिपोर्टर की जिमेदारी भी संभाली है. इसके बाद वो दैनिक भास्कर के डिजिटल विंग से जुड़े. 2017 में वो Tv9 से जुड़े.
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