इंदौर में तरण पुष्कर पूल तोड़ने के प्रस्ताव का विरोध:विधायक मालिनी गौड़ के घर पहुंचे तैराक, सौंपा ज्ञापन; MLA बोलीं- मुख्यमंत्री से बात करूंगी
उज्जैन2 घंटे पहले
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महू नाका स्थित तरण पुष्कर स्विमिंग पूल को तोड़े जाने के प्रस्ताव के विरोध में वर्तमान और पूर्व तैराकों ने मोर्चा खोल दिया है। जिला तैराकी संघ की अध्यक्ष एवं विधायक मालिनी गौड़ के घर पहुंचे तैराकों ने पूल तोड़े जाने और विश्रामबाग स्थित स्विमिंग पूल को पीपीपी मॉडल पर देने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने विधायक को ज्ञापन भी सौंपा।
तैराकों ने कहा कि शहरवासियों के लिए स्विमिंग पूल केवल खेल का मैदान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम पहले नेहरू पार्क और तरण पुष्कर, दो प्रमुख स्विमिंग पूल संचालित करता था।
यदि इन सुविधाओं को भी बंद या खत्म कर दिया गया तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। खासकर बच्चों, युवाओं और नियमित तैराकी करने वालों के लिए विकल्प सीमित हो जाएंगे। विरोध प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय तैराक पलक शर्मा सहित अन्य तैराक शामिल रहे।
1969 से शहर में तैराकी की पहचान बना तरण पुष्कर
तैराकों ने बताया कि महू नाका स्थित तरण पुष्कर का इंदौर के खेल इतिहास में विशेष स्थान है। यह पूल वर्ष 1969 से संचालित हो रहा है। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल ने किया था। वर्षों से यहां शहर के कई तैराकों ने प्रशिक्षण लिया और प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी की है।
वर्तमान और पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि इतने पुराने और उपयोगी स्विमिंग पूल को तोड़ने के बजाय उसका बेहतर रखरखाव किया जाना चाहिए। यदि संचालन में कोई समस्या है तो व्यवस्था में सुधार किया जाए, लेकिन शहरवासियों से तैराकी जैसी स्वास्थ्यवर्धक सुविधा नहीं छीनी जानी चाहिए।
विश्रामबाग पूल को पीपीपी मॉडल पर देने का भी विरोध
तैराकों ने विश्रामबाग स्थित स्विमिंग पूल को पीपीपी मॉडल पर दिए जाने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं को निजी मॉडल पर देने से आम लोगों के लिए उनकी पहुंच और शुल्क को लेकर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। खिलाड़ियों ने मांग की कि नगर निगम स्विमिंग पूलों के संचालन और रखरखाव में सुधार करे और खिलाड़ियों के साथ आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दे।
विधायक बोलीं- मुख्यमंत्री से करूंगी बात
तैराकों की बात सुनने के बाद विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगी। उन्होंने तैराकों की मांगों और स्विमिंग पूलों से जुड़े मुद्दे को गंभीरता से लेने की बात कही। अब तैराकों की नजर विधायक की मुख्यमंत्री से होने वाली चर्चा और उसके बाद सरकार के रुख पर है।
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