उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक PNB की घंटाघर शाखा के करेंसी चेस्ट खजाने में आंतरिक ऑडिट के दौरान करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले में भारतीय रिजर्व बैंक RBI के छह अफसरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, वहीं बैंक प्रबंधन ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ रुपये के नकली नोट।
- Published: 01 Sep 2026, 04:22 PM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 04:22 PM IST
सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पंजाब नेशनल बैंक PNB की घंटाघर स्थित मुख्य शाखा से एक बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक के करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद मंगलवार सुबह करीब 8 बजे भारतीय रिजर्व बैंक RBI के छह अधिकारियों की टीम दो गाड़ियों से शाखा पहुंची और लगातार कई घंटों तक रिकॉर्ड और चेस्ट का मिलान करते हुए कर्मचारियों से पूछताछ की।
जयपुर भेजी गई रकम में कमी से खुला राज
इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत 5 अगस्त को हुई, जब घंटाघर शाखा से 11.50 करोड़ रुपये मूल्य के कटे-फटे, गले और पुराने नोटों की खेप आरबीआई के जयपुर करेंसी चेस्ट भेजी गई थी। इन नोटों की गड्डियों को व्यवस्थित करने का काम शाखा के पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को सौंपा गया था। जब जयपुर करेंसी चेस्ट में रकम की गिनती की गई, तो उसमें 4 लाख 30 हजार 900 रुपये कम पाए गए। जयपुर शाखा द्वारा तत्काल इसकी सूचना पीएनबी मेरठ मंडल कार्यालय को दी गई।
सीसीटीवी में नोट चुराता दिखा हाउसकीपर
गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही पीएनबी मेरठ के चीफ मैनेजर और जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे सहारनपुर पहुंचे। जब करेंसी चेस्ट के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो उसमें हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से रुपये निकालते हुए रंगेहाथ दिखाई दिया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने विशाल को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उसके खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया।
ऑडिट में मिले 17 करोड़ रुपये के नकली नोट
हाउसकीपर की संलिप्तता सामने आने के बाद बैंक ने 9 अगस्त से पूरी करेंसी चेस्ट का सघन ऑडिट शुरू कराया। जांच के दौरान जब चेस्ट में रखी पूरी नकदी का भौतिक सत्यापन किया गया, तो करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट पाए गए। इतनी भारी मात्रा में जाली नोट मिलने से बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए।
जांच अधिकारी ने जब सीनियर डिवीजनल मैनेजर रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार और यमुनानगर-जगाधरी हरियाणा में तैनात तत्कालीन करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार से सवाल-जवाब किए, तो कोई भी अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सका कि इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट खजाने तक कैसे पहुंचे।
तीन अधिकारी सस्पेंड, 4 पर एफआईआर दर्ज
पीएनबी के दिल्ली रोड स्थित मंडल कार्यालय की सीनियर मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर तीनों बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि बैंक के चीफ मैनेजर की लिखित तहरीर पर तीनों प्रबंधकों और पार्ट-टाइम हाउसकीपर के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस और वित्तीय एजेंसियां अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रही हैं कि जाली नोटों का यह नेटवर्क बैंक के भीतर कब से सक्रिय था और इसमें बाहरी तत्वों की क्या भूमिका रही है।