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Masik Durga Ashtami: मासिक दुर्गा अष्टमी पर ऐसे पाएं मां दुर्गा की कृपा

September 17, 2026

Masik Durga Ashtami: मासिक दुर्गा अष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल यह व्रत 19 सितंबर को यानी शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. शास्त्रों के अनुसार यह दिन आदि शक्ति जगतजननी मां जगदंबा की कृपा पाने के लिए खास होता है. मान्यतानुसार, इस दिन श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ कुछ खास उपाय किए जाएं, तो जीवन में सुख-समृद्धि आ सकती है.

मासिक दुर्गा अष्टमी (भाद्रपद) तिथि

व्रत विवरणतारीख और दिनसमय
अष्टमी तिथि आरंभ18 सितंबर (शुक्रवार) दोपहर 1 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त19 सितंबर (शनिवार)दोपहर 3:26 बजे
मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत19 सितंबर (शनिवार)सूर्योदय के साथ

दुर्गा अष्टमी आसान पूजा विधि

  • मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान इत्यादि दैनिक कर्म से निवृत हो जाए. साफ-सुथरे कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थान पर एक छोटी चौकी स्थापित कर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की तस्वीर रखें.
  • पूजा स्थल पर लाल रंग का आसन बिछाकर बैठ जाएं और मां दुर्गा का स्मरण करते हुए अपने ऊपर और चारों दिशाओं में गंगाजल का छिड़कें.
  • मां दुर्गा धूप-दीप, फूल इत्यादि से उनकी पूजा करें. इसके बाद दुर्गा सप्तशती में दिए गए द्वात्रिंश नाम (मां दुर्गा के 32 नाम) या दुर्गा चालीसा का पाठ करें.
  • मां दुर्गा को फल, मिठाई या नारियल का भोग लगाएं. धूप-दीप या कपूर से मां दुर्गा की आरती करें. आरती करने के बाद भूलवश हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे. पूजन के अंत में प्रसाद बांटें.

दुर्गा सप्तशती में वर्णित द्वात्रिंश स्तुति श्लोक

दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी

दुर्गामच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी

दुर्गतोद्वारिणी दुर्ग निहन्त्री दुर्गमापहा

दुर्गम ज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला

दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी

दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविद्या दुर्गमाश्रिता

दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी

दुर्गमोहा दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी

दुर्गमासुरसंहन्त्री दुर्गमायुधधारिणी

दुर्गमाङ्गी दुर्गमाता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी

दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्लभा दुर्गधारिणी

मां दुर्गा के 32 नाम

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दुर्गा अष्टमी के आसान उपाय

मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन 2 से 10 वर्ष की कन्या को नियंत्रण देकर घर पर बुलाएं.

कन्या के पैर धोकर उनका पूजन करें और उन्हें खीर-पूड़ी, हलवा या खिलाएं.

कन्या भोजन के बाद उन्हें दक्षिणा या उनका पसंदीदा चीज भेंट करें.

मां दुर्गा को खीर का भोग लगाएं. प्रसाद के रूप में लोगों के बीच बांटें.

घर के दरवाजे पर घी का दीपक जलाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी.

दुर्गा अष्टमी के दिन घर में लगी हुई तुलसी के नजदीक घी या तिल के तेल का दीया जलाएं.

दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा को जल से भरा एकाक्षी (एक आंख वाला) नारियल भेंट करें. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है.